भारतीय रेल पर थीम आधारित पर्यटक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। भारत गौरव ट्रेनें भारतीय रेल की टूरिस्ट सर्किट ट्रेनें हैं जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर नगरों के दर्शन कराती हैं। भारत गौरव ट्रेनों के संचलन से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इसी क्रम में आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा श्रद्धालुओं एवं अन्य पर्यटकों के लिए मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, तिरुपति बालाजी मंदिर (तिरुपति), मीनाक्षी मंदिर मदुरै, रामेश्वरम तथा कन्याकुमारी के दर्शन सहित कुल 05 धार्मिक स्थानों की दर्शन यात्रा के लिए गोरखपुर से भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 07 से 18 जून, 2025 तक 11 रात्रि एवं 12 दिन के लिए चलाई जाएगी। इस गाड़ी पर चढ़ने व उतरने के लिए गोरखपुर, मनकापुर, अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, प्रयागराज संगम, रायबरेली, लखनऊ, कानपुर, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं0 (झांसी) तथा ललितपुर स्टेशनों पर सुविधा प्रदान की गई है।
इस गाड़ी में यात्रा हेतु लखनऊ, गोमतीनगर स्थित आई.आर.सी.टी.सी. के कार्यालय से अथवा वेबसाइट www.irctctourism.com पर टिकट बुक किया जा सकता है।
भारत गौरव पर्यटक ट्रेन बोर्डिंग हेतु 07 जून, 2025 को गोरखपुर से 09.00 बजे प्रस्थान कर मनकापुर से 11.35 बजे, अयोध्या कैंट से 12.34 बजे, सुल्तानपुर से 13.48 बजे, माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से 14.40 बजे, प्रयागराज संगम से 15.50 बजे, रायबरेली से 18.17 बजे, लखनऊ से 19.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 21.28 बजे, उरई से 23.41 बजे, दूसरे दिन 08 जून, 2025 को वीरांगना लक्ष्मीबाई जं0 (झांसी) से 02.02 बजे, ललितपुर से 03.54 बजे छूटकर उपरोक्त वर्णित स्थलों के लिए प्रस्थान करेगी।
वापसी यात्रा में यात्रियों को उतारने हेतु 17 जून, 2025 को ललितपुर से 02.44 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं0 (झांसी) से 04.36 बजे, उरई से 06.57 बजे, कानपुर सेंट्रल से 09.10 बजे, लखनऊ से 10.30 बजे, रायबरेली से 12.21 बजे, प्रयागराज संगम से 14.48 बजे, माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से 15.58 बजे, सुल्तानपुर से 16.50 बजे, अयोध्या कैंट से 18.04 बजे तथा मनकापुर से 19.03 बजे छूटकर गोरखपुर 21.33 बजे पहुंचकर यात्रा समाप्त करेगी।
इस गाड़ी में शयनयान श्रेणी के 09, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का 01, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 01, जनरेटर सह लगेज यान के 02 तथा पैंट्रीकार के 01 कोच सहित कुल 14 आधुनिक एल.एच.बी. कोच लगाए जाएंगे।
यात्रा के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए आई.आर.सी.टी.सी. के मैनेजर उपलब्ध रहेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे की इस भारत गौरव यात्रा ट्रेन से धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
Source/RSB

