कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर गेज-परिवर्तित रेल खंड का उद्घाटन, ग्वालियर-कैलारस रेल सेवा के बीरपुर तक विस्तार को हरी झंडी
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रेल संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर गेज-परिवर्तित रेल खंड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्वालियर-कैलारस रेल सेवा को बीरपुर तक विस्तारित करने को भी हरी झंडी दिखाई गई।
56 किलोमीटर लंबे कैलारस-बीरपुर खंड के गेज परिवर्तन से मुरैना और श्योपुर जिलों की बामोर, जौड़ा, कैलारस, सबलगढ़, बीरपुर, शिवपुर और कराहल तहसीलों के 100 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। बीरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ को ग्वालियर से सीधा रेल संपर्क मिलने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को अधिक सुविधाजनक और किफायती यात्रा विकल्प उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैलारस-बीरपुर खंड का उद्घाटन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि *बीरपुर से सेरोनी रोड और सेरोनी रोड से श्योपुर कलां* तक के अगले खंडों का काम लगभग पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, ग्वालियर-श्योपुर कलां रेल लाइन अगले कुछ महीनों में तैयार होकर यात्रियों के लिए उपलब्ध हो सकती है।
उन्होंने बताया कि 117 किलोमीटर लंबे बिरलानगर-बीरपुर खंड पर काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा है। बिरलानगर-रायरू खंड मई 2023, रायरू-सुमावली अगस्त 2023, सुमावली-जौरा नवंबर 2023, जौरा-कैलारस फरवरी 2024, कैलारस-सबलगढ़ वर्ष 2025 और सबलगढ़-बीरपुर वर्ष 2026 में यात्रियों एवं यातायात के लिए खोले गए।
रेल संपर्क को आगे श्योपुर कलां और अंततः कोटा तक बढ़ाने की योजना भी बताई गई है। इससे क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों से संपर्क और मजबूत होगा।
मध्य प्रदेश में रेल विकास की जानकारी देते हुए श्री वैष्णव ने बताया कि राज्य का रेल बजट वर्ष 2009-14 के 632 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026-27 में 15,188 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं और 80 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2014 से अब तक रेलवे में 5.54 लाख से अधिक लोगों की भर्ती की गई है।
श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अवसर को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रेल लाइन का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी। उन्होंने कहा कि बीरपुर तक विस्तार से कैलारस, सबलगढ़, रामपहाड़ी, विजयपुर और बीरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। कैलारस खंड वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 10,000 लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से नए मार्ग खुलेंगे और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र तथा मालवा के बीच संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से उद्योग, रोजगार, पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बैटरी ऊर्जा भंडारण, जूते, हाइड्रोजन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुरैना सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Source - PIB & RSB

