केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, एच. डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में एसएमवीटी बेंगलुरु-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई रेल सेवा से बेंगलुरु और मुंबई के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को आधुनिक, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। ट्रेन आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और गुंतकल, कर्नाटक के रायचूर, यादगीर, वाडी और कलबुर्गी तथा महाराष्ट्र के सोलापुर, पुणे और कल्याण से होकर गुजरेगी। इससे उत्तर कर्नाटक के क्षेत्रों को भी बेहतर रात्रिकालीन रेल संपर्क मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू होगी, जो राज्य के उत्तरी हिस्सों को हुबली क्षेत्र से जोड़ते हुए पुणे और मुंबई की ओर जाएगी।
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस एसएमवीटी बेंगलुरु से शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के सीएसएमटी पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन मुंबई से रात 8 बजकर 10 मिनट पर चलकर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन सोमवार और मुंबई से चलने वाली ट्रेन मंगलवार को नहीं चलेगी।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि मार्ग के विद्युतीकरण और सफल परीक्षण के बाद अगले कुछ सप्ताह में बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में उच्च गति वाली रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में भी काम किया जा रहा है। प्रस्तावित यात्रा समय के अनुसार बेंगलुरु से चेन्नई की दूरी 73 मिनट और बेंगलुरु से हैदराबाद की दूरी लगभग दो घंटे 10 मिनट में तय की जा सकेगी।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कर्नाटक, विशेषकर उत्तर कर्नाटक में रेल संपर्क मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए बताया कि कवच सुरक्षा प्रणाली लागू किए जाने के बाद रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 से घटकर 16 रह गई है। उन्होंने दुर्घटनाओं की संख्या शून्य तक लाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा और बेंगलुरु-मंगलुरु के बीच प्रस्तावित रेल संपर्क का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से कर्नाटक के लोगों के साथ-साथ बेंगलुरु में रहने वाले पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा। वहीं, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की रेलवे बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण तथा रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
रेलवे के अनुसार, यह नई सेवा बेंगलुरु और मुंबई जैसे दो प्रमुख आर्थिक एवं वाणिज्यिक केंद्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के साथ कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्रों को भी जोड़ेगी। यह भारतीय रेलवे के आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Source – RSB

