महाराजा छत्रसाल की धरती पर आधुनिक रेल अवसंरचना का नया अध्याय, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छतरपुर स्टेशन का कायाकल्प पूरा

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन का व्यापक कायाकल्प सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। बुंदेलखंड के महान योद्धा एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत महाराजा छत्रसाल के नाम पर स्थापित यह स्टेशन क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। खजुराहो, पन्ना, ओरछा तथा बुंदेलखंड के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए यह स्टेशन प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। वर्षों से यह स्टेशन क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों का आधार रहा है। अब अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के समन्वय के साथ इसका नया स्वरूप यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करेगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महाराजा छत्रसाल छतरपुर स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के विभिन्न यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया गया है। परियोजना का भौतिक एवं वित्तीय कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा सभी निर्धारित कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त 12 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण लगभग 10.27 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है, जिससे प्लेटफार्मों के बीच यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है।

स्टेशन भवन का सौंदर्यीकरण और उन्नयन करते हुए लगभग 8000 वर्गमीटर क्षेत्र में भवन का नवीनीकरण किया गया है। भवन के अग्रभाग को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे स्टेशन की वास्तुकला में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक झलक दिखाई देती है। स्टेशन परिसर में आधुनिक प्रवेश द्वार, विस्तृत खुले क्षेत्र तथा बेहतर यात्री परिसंचरण व्यवस्था विकसित की गई है।

यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग 1100 वर्गमीटर क्षेत्रफल का आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किया गया है, जिसमें आरामदायक बैठने की व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही लगभग 225 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक एवं स्वच्छ शौचालयों का निर्माण एवं नवीनीकरण किया गया है। स्टेशन पर उच्च गुणवत्ता वाले पेयजल की व्यवस्था, जल कूलर, जल नल, स्वच्छता सुविधाएं तथा पर्याप्त डस्टबिन उपलब्ध कराए गए हैं।

स्टेशन के दोनों प्लेटफार्मों का व्यापक उन्नयन किया गया है। लगभग 960 वर्गमीटर क्षेत्र में प्लेटफार्म सरफेसिंग और प्लेटफार्म शेल्टर का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया गया है। प्लेटफार्मों पर बेहतर फर्श, पर्याप्त शेड, आधुनिक बैठने की व्यवस्था तथा यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया गया है। पूरे स्टेशन परिसर में लगभग 520 एलईडी ल्यूमिनेयर, 190 फेसाड लाइट, 36 सजावटी पोल, 28 सोलर स्ट्रीट लाइट तथा 2 हाई मास्ट लाइटें स्थापित की गई हैं, जिससे स्टेशन की रोशनी, सुरक्षा और सौंदर्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

स्टेशन परिसर में लगभग 5500 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया तथा लगभग 3025 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्किंग का विकास किया गया है। सुव्यवस्थित पार्किंग, हरित उद्यान, चौड़े मार्ग, आकर्षक लैंडस्केपिंग तथा व्यवस्थित यातायात प्रबंधन के माध्यम से स्टेशन परिसर को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। इससे निजी वाहनों, टैक्सियों तथा अन्य परिवहन साधनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो गई है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन पर कला एवं संस्कृति को भी विशेष स्थान दिया गया है। परिसर में महाराजा छत्रसाल की भव्य अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की गई है, जो बुंदेलखंड की वीर परंपरा और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। स्टेशन का समग्र स्वरूप स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए यात्रियों को क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान से परिचित कराता है।

यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए पूरे स्टेशन पर आधुनिक साइनेज, कोच इंडिकेशन बोर्ड तथा ट्रेन सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों, पेयजल केन्द्रों तथा अन्य सुविधाओं को स्पष्ट दिशा-निर्देशों के माध्यम से चिन्हित किया गया है। स्टेशन पर मोबाइल एवं लैपटॉप चार्जिंग सुविधा, प्लेटफार्म फैन, व्हीलचेयर, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक उपचार किट, पर्यटक सुविधा काउंटर, जन औषधि केंद्र, पर्याप्त खानपान व्यवस्था, आपातकालीन निकास संकेतक, प्लेटफार्म एज मार्किंग, पीली चेतावनी पट्टियां तथा आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

दिव्यांगजनों के लिए स्टेशन को अधिक सुगम और समावेशी बनाया गया है। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, विशेष साइनेज, कोच सूचना बोर्ड, मानक रैंप, दिव्यांग पार्किंग, निम्न ऊंचाई वाले टिकट काउंटर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, पेयजल सुविधा, टैक्टाइल गाइड पथ, सुगम आवागमन मार्ग, व्हीलचेयर तथा गैर-फिसलनयुक्त फर्श जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूट प्लान भी तैयार किया गया है। स्टेशन पर 3 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से दिव्यांग अनुकूल आवागमन सुनिश्चित किया गया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार लिफ्ट तथा ब्रेल मैप एवं साइनेज जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

स्टेशन परिसर में हरित क्षेत्र का विकास, आकर्षक उद्यान, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था तथा सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान स्टेशन की सुंदरता को नई पहचान देते हैं। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के प्रत्येक हिस्से का वैज्ञानिक ढंग से पुनर्विकास किया गया है।

महाराजा छत्रसाल छतरपुर रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास केवल एक स्टेशन का आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक स्टेशन से पर्यटन, व्यापार, निवेश और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलेगी। खजुराहो सहित आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। बेहतर यातायात, आधुनिक आधारभूत संरचना और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं के कारण छतरपुर की पहचान एक आधुनिक, स्वच्छ और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रेलवे स्टेशन वाले शहर के रूप में और अधिक मजबूत होगी, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक विकास को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे।

Source - RSB

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