केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक में स्टेशन मास्टरों की भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में स्टेशन मास्टरों के समक्ष आने वाली प्रचालनगत और प्रशासनिक चुनौतियों की समीक्षा की गई तथा उन्हें अधिक अधिकार, बेहतर संसाधन और आधुनिक तकनीकी सहायता प्रदान करने पर विचार किया गया।
रेलवे ने स्टेशन मास्टरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक एवं प्रचालनगत शक्तियों में वृद्धि, वित्तीय अधिकारों के विस्तार, करियर उन्नति के बेहतर अवसर और उच्च प्रबंधन स्तरों तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे उपायों पर चर्चा की। इसके साथ ही मल्टी-ट्रैक और उच्च यातायात वाले रेलखंडों में अतिरिक्त स्टेशन मास्टरों की नियुक्ति तथा रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मोबाइल ऐप आधारित पेपरलेस कार्य प्रणाली और एकीकृत स्टेशन प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की गई, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और यात्रियों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सके। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल रियलिटी, सिमुलेटर और अन्य उन्नत तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई, ताकि स्टेशन मास्टर जटिल परिचालन स्थितियों और आपात परिस्थितियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
रेल मंत्री ने स्टेशन स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने, बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए अधिक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार देने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में महिला स्टेशन मास्टरों और महिला पॉइंट्समैनों की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपकरणों और कार्यस्थल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विचार किया गया। रेलवे का मानना है कि इन पहलों से स्टेशन प्रबंधन अधिक उत्तरदायी, कुशल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बन सकेगा, जिससे देशभर के लाखों यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
Source/RSB

