महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे श्री उदय बोरवणकर ने प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री नरेश कुमार, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री संजय सिंघल, प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री एम.एल. मकवाना, मुख्य कार्मिक अधिकारी/आई.आर. श्री मनोज कुमार पांडेय एवं अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ 05 जनवरी, 2026 को बहुविषयक पद्धति प्रशिक्षण केंद्र (एम.एस.टी.सी.), सिगनल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (एस.टी.टी.सी.) तथा विद्युत प्रशिक्षण केंद्र, गोरखपुर एवं उनके छात्रावासों का गहनता से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के आरम्भ में मॉडल कक्ष में महाप्रबंधक को निदेशक/एम.एस.टी.सी. श्री अश्वनी कुमार दीक्षित ने केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में मॉडल के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। महाप्रबंधक ने 'ज्योति कक्ष' (स्मार्ट क्लास) में प्रशिक्षुओं को दिए जा रहे प्रशिक्षण का अवलोकन किया और कंप्यूटर लैब एवं प्रशिक्षण कक्ष में प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। उन्होंने इंजीनियरिंग मॉडल रूम में रखे उपकरणों का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षुओं को इन उपकरणों की विस्तृत व्यावहारिक जानकारी देने का सुझाव दिया।
सिगनल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (एस.टी.टी.सी.) के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लैब (मेधा), पैनल लैब एवं ब्लॉक लैब में 'नील्स टोकन बॉल यंत्र' के विषय में प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने एक्सल काउंटर लैब, 'डबल लाइन ब्लॉक पैनल यूजिंग यू.एफ.एस.बी.आई.' लैब एवं पैनल रूम का भी निरीक्षण किया।
महाप्रबंधक ने अनुदेशकों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी (Case Study) पर विशेष बल दिया जाए। तत्पश्चात, उन्होंने मॉडल ट्रैक का निरीक्षण कर 'ग्लूड इंसुलेटेड रेल ज्वाइंट' एवं एक्सल काउंटर के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्रावास के मेस एवं कमरों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार हेतु दिशा-निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि केंद्र में भविष्य के लिए 'कवच' (Kavach) प्रशिक्षण की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
विद्युत प्रशिक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने प्रतिरूप कक्ष (पावर), प्रतिरूप कक्ष (कर्षण वितरण) एवं प्रतिरूप कक्ष (टी.एल./ए.सी.) का अवलोकन किया। इसके उपरांत, उन्होंने इंजीनियरिंग प्रशिक्षण केंद्र, एम.एस.टी.सी. छात्रावास तथा महादेवी वर्मा छात्रावास के कमरों एवं मेस की व्यवस्था देखी। इस अवसर पर उन्होंने क्लास रूम, प्रसाधन (Toilets), छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
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