रेलवे ट्रैक पर संरक्षा के लिए पूर्व मध्य रेल द्वारा उठाए गए कई कदम।

पूर्व मध्य रेल द्वारा सुरक्षित एवं बाधारहित रेल परिचालन के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में रेलवे ट्रैकों का नवीनीकरण, महत्वपूर्ण रेलखंडों की फेंसिंग, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में चहारदीवारी आदि के बाद कई रेलखंडों में ट्रेनों की गति सीमा में वृद्धि की गई है। रेलवे द्वारा यात्री सुरक्षा के मद्देनज़र एफओबी/एलएचएस/सब-वे के निर्माण सहित यात्री सुरक्षा/संरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन आदि के माध्यम से रेलवे ट्रैक से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती रही है।

विदित हो कि गलत तरीके से रेलवे ट्रैक पार करने के कारण जनवरी 2025 से मार्च 2025 तक पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों में लगभग 335 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण रूप से पैदल या वाहन के साथ ट्रेन से टकराकर मृत्यु हो गई। इनमें दानापुर मंडल में 136, सोनपुर मंडल में 22, समस्तीपुर मंडल में 66, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 62 तथा धनबाद मंडल में 49 लोगों की अवैध रूप से रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान ट्रेन से टकराकर मृत्यु हुई।

रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि जल्दबाज़ी में रेल पटरी पार कर अपने जीवन को खतरे में न डालें। साथ ही एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए सदैव सब-वे या फुट ओवर ब्रिज का प्रयोग करें। रेलवे ट्रैक के आस-पास हमेशा सतर्क रहें तथा रेलवे ट्रैक से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। रेलवे ट्रैक को हमेशा अधिकृत समपार फाटकों से ही पार करें। यत्र-तत्र अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करना गैरकानूनी तथा जानलेवा है। रेलवे ट्रैक पर न चलें — यह खतरनाक भी है और अपराध भी।

Source/RSB

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