संरक्षित एवं सुगम ट्रेन संचालन के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहा मंडल: डीआरएम

मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार सिन्हा के कुशल निर्देशन में संरक्षित एवं सुगम ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के क्रम में झाँसी मंडल के स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में उदयपुरा - टीकमगढ़ खंड पर LPGCL साइडिंग को जोड़ने हेतु 'नया स्टेशन ईआई (LPGCL केबिन)' का निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए 06 मई, 2025 को दोपहर 15:00 बजे सफलतापूर्वक कमीशनिंग की गई।

यह ईआई प्रणाली 32 रूट की क्षमता से युक्त है। इसके साथ-साथ LPGCL केबिन को उदयपुरा तथा टीकमगढ़ स्टेशनों से जोड़ने हेतु डेलट्रॉन (Deltron) मेक UFSBI ब्लॉक प्रणाली का भी कमीशनिंग किया गया है, जिससे पूर्ववर्ती एकल ब्लॉक खंड (उदयपुरा–टीकमगढ़) को दो भागों में विभाजित किया गया है।

नई ईआई प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

क्योसन कंपनी की केंद्रीकृत ईआई प्रणाली (32 रूट क्षमता), CEL कंपनी के MSDAC, DC ट्रैक के समानांतर में लगाया गया है, जिसमें मुख्य सिग्नल: 14, शंट सिग्नल: 03, पॉइंट मशीन: 04, डबल डिस्टेंट सिग्नल की सुविधा तथा टेली कम्युनिकेशन हेतु TPC, VHF, VOIP, डाटा लॉगर, ऑटो फोन एवं ब्लॉक फोन लगाया गया है। CEL कंपनी के HASSDAC की स्थापना भी की गई है। साथ में फायर अलार्म एवं ELD की स्थापना की गई है।

ट्रैक विफलता की स्थिति में ASM कक्ष में मैनुअल रिसेट बॉक्स की व्यवस्था की गई है।
इन उपकरणों से संबंधित संचालन एवं सिग्नल स्टाफ को OEM द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

ज्ञातव्य है कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली एक अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक है, जो मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम कर संरक्षा में अभूतपूर्व सुधार लाती है। यह प्रणाली न केवल तेजी से कार्य करती है, बल्कि कम रखरखाव के साथ भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार आसानी से अद्यतन भी की जा सकती है। साथ ही यह सीमित स्थान में स्थापित की जा सकती है।

कार्य का संपादन Sr DSTE/ML/JHS श्री विष्णु गुप्ता, ADSTE/ललितपुर श्री मनोज कुमार एवं समस्त स्टाफ के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

यह नवीन ईआई प्रणाली टीकमगढ़ खंड में सुरक्षित एवं निर्बाध ट्रेन परिचालन को और अधिक मजबूत बनाएगी तथा यात्री एवं मालगाड़ी संचालन को अधिक सक्षम बनाएगी।

Source/RSB

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