संरक्षित एवं सुगम ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में, गोरखपुर-पनियहवा खंड पर घुघुली स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग एवं द्वितीय लूप लाइन के प्रावधान के परिप्रेक्ष्य में 08 अप्रैल, 2025 को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कमीशन की गई। यह 38 रूट की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग है।
ज्ञातव्य है कि डिजिटलाइजेशन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ट्रेनों के संचालन को संरक्षित एवं सुगम बनाती है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग मानवीय त्रुटि की संभावना को कम करता है, जिससे संरक्षा में सुधार होता है। यह सिस्टम तेजी से कार्य करता है, जिसके फलस्वरूप ट्रेनों का आवागमन बेहतर होता है। इसका मेंटेनेंस कम है, भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस सिस्टम को अपडेट करना आसान है तथा इसे कम स्थान पर स्थापित किया जा सकता है।
वर्तमान में पूर्वोत्तर रेलवे के 103 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित हो चुकी है, जिसमें लखनऊ मंडल के 37, वाराणसी मंडल के 53 तथा इज्जतनगर मंडल के 13 स्टेशन सम्मिलित हैं। इन स्टेशनों पर रूट की सेटिंग माउस के एक क्लिक से संभव हुई है।
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