‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान में महाप्रबंधक सहित सभी विभागाध्यक्षों ने किया श्रमदान, कर्मचारियों को स्वच्छता के प्रति किया प्रेरित
रेल मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान के तहत प्रातः 08:00 बजे कारखाना परिसर में व्यापक सघन स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य कार्यस्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं बेहतर कार्यपरिवेश के रूप में विकसित करने के साथ-साथ स्वच्छता को दैनिक कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना रहा।
अभियान के लिए बरेका में कुल 09 टीमों का गठन किया गया था तथा प्रत्येक टीम को निर्धारित क्षेत्र में सघन स्वच्छता एवं श्रमदान की जिम्मेदारी सौंपी गई। महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत के नेतृत्व में बरेका के सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों (PHODs) एवं अधिकारियों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ निर्धारित स्थलों पर एक साथ श्रमदान करते हुए स्वच्छता अभियान को गति प्रदान की।
अभियान की विशेषता यह रही कि महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत एवं सभी मुख्य विभागाध्यक्ष ने टीम- एफ लोको डिवीजन के साथ स्वयं श्रमदान किया। महाप्रबंधक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई कार्य में सहभागिता की तथा स्वच्छता अभियान में जुटे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष सहभागिता से अभियान में कर्मचारियों का उत्साह और सामूहिक भागीदारी और अधिक सशक्त दिखाई दी।
09 टीमों ने संभाली स्वच्छता की जिम्मेदारी
स्वच्छता अभियान के लिए गठित टीमों को विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम-ए को लेखा एवं कार्मिक, टीम-बी को सीएमटी लैब एवं टूल रूम, टीम-सी को सुरक्षा विभाग, टीम-डी को इंजन डिवीजन, टीम-ई को ब्लॉक डिवीजन, टीम-एफ को लोको डिवीजन, टीम-जी को एमएसएस एवं एमएएस, टीम-एच को डिपो एवं क्रय तथा टीम-आई को अनुरक्षण, टीटीसी एवं सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सभी टीमों ने अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर सघन सफाई, श्रमदान एवं स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित कीं। इस दौरान कार्यस्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों से कचरे, अनुपयोगी एवं अनावश्यक सामग्री को हटाया गया तथा परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं कार्य के अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया।
स्वच्छता को बनाया जाए दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा
अभियान के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान अथवा पखवाड़े तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक कार्यसंस्कृति, अनुशासन एवं सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थल तथा आसपास के क्षेत्रों को नियमित रूप से स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने कहा कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने कार्यस्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को निरंतर स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित कार्यपरिवेश न केवल बेहतर कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कार्यक्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
अभियान में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री राम जन्म, प्रमुख मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री देवराज कुमार मौर्य, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी/मुख्यालय श्री अजय श्रीवास्तव, मुख्य विद्युत सर्विस इंजीनियर श्री मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर/डीजल श्री प्रवीण कुमार, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर डीजल/पीओएच श्री एस.बी. पटेल, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री अंकुर चंद्रा, मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र अग्रवाल, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री पलाश सक्सेना एवं जन संपर्क अधिकारी श्री राजेश कुमार सहित बरेका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित इस अभियान ने बरेका में ‘स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ कार्यपरिवेश और सामूहिक जिम्मेदारी’ की भावना को मजबूत किया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एकजुट भागीदारी ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत दायित्व नहीं, बल्कि पूरे कार्यस्थल और संस्थान की साझा जिम्मेदारी है।
Source – RSB

