ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और कवच प्रणाली का विस्तार
पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने रेल परिचालन क्षमता, सिग्नलिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता और ट्रेन संरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए हैं। इनमें ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और कवच प्रणाली का विस्तार, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना, आधुनिक ट्रेन डिटेक्शन तकनीक का उपयोग तथा डीडीयू–प्रयागराज तीसरी लाइन परियोजना से संबंधित सिग्नलिंग एवं इंटरलॉकिंग कार्य शामिल हैं।
ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का विस्तार
चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में भभुआ रोड–सासाराम रेलखंड पर 47.50 रूट किलोमीटर में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली की कमीशनिंग की गई। इसके साथ डीडीयू–मानपुर ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर कुल 214 रूट किलोमीटर में से अब तक 164.28 रूट किलोमीटर में यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से सिग्नलिंग व्यवस्था मजबूत
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में दो स्टेशनों—मुठानी और कुम्हऊ—पर पारंपरिक पैनल इंटरलॉकिंग के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली की कमीशनिंग की गई। इसके साथ मंडल में अब तक कुल 41 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित हो चुकी है। इसके साथ ग्रैंड कॉर्ड और बीडी सेक्शन में इस प्रणाली से संबंधित कार्य पूरा किया जा चुका है।
87 रूट किलोमीटर में कवच प्रणाली की कमीशनिंग
चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में गंजख्वाजा–भभुआ रोड तथा सासाराम–फेसर रेलखंडों में कुल 87 रूट किलोमीटर में कवच प्रणाली की कमीशनिंग की गई। मंडल में कवच सिस्टम लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है, रेलवे ट्रैक पर इससे संबंधित टैग लगाए जा रहे हैं।
आधुनिक ट्रेन डिटेक्शन तकनीक का उपयोग
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में दो स्टेशनों पर ड्यूल मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (Dual MSDAC) लगाए गए। इसके साथ मंडल में अब तक कुल 25 स्टेशनों पर पुराने डीसी ट्रैक सर्किट के स्थान पर यह तकनीक स्थापित की जा चुकी है।
डीडीयू–प्रयागराज तीसरी लाइन परियोजना से जुड़ा कार्य पूरा
डीडीयू–प्रयागराज तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत डीडीयू जंक्शन के न्यू वेस्ट केबिन से डीडीयू मंडल और प्रयागराज मंडल (उत्तर मध्य रेलवे) के इंटरचेंज पॉइंट—ब्लॉक हट ‘के’—तक नवनिर्मित तीसरी लाइन को संबंधित सिग्नलिंग व्यवस्था से जोड़कर परिचालन के लिए कमीशन किया गया। इस कार्य के तहत डीडीयू के न्यू वेस्ट केबिन में नए पैनल इंटरलॉकिंग की कमीशनिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की गई।
प्रभावी वित्तीय प्रबंधन
डीडीयू मंडल में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 15 स्टेशनों के पुनर्विकास, गया जंक्शन के व्यापक पुनर्विकास तथा विभिन्न संरक्षा एवं विकास कार्यों के मद्देनजर वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन और बजट उपयोग की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में मंडल के लेखा विभाग ने बजट उपयोग की निगरानी और वित्तीय जाँच के माध्यम से इस दिशा में योगदान दिया।
सितंबर 2026 तक ₹371.84 करोड़ के वार्षिक पूंजीगत बजट आवंटन में से ₹263.34 करोड़ का उपयोग किया गया, जो कुल आवंटन का 70.82 प्रतिशत है। पूंजीगत बजट के उपयोग की नियमित निगरानी से अवसंरचना विकास, संरक्षा संबंधी कार्यों और अन्य प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए आवंटित निधियों के प्रभावी उपयोग में सहायता मिलती है। इसके अतिरिक्त, संशोधित राजस्व बजट में से ₹1,265.25 करोड़ (57.57%) का उपयोग हुआ।
source- ECR & RSB

