मुंबई सेंट्रल मंडल द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के अंतर्गत व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन

गहन स्वच्छता अभियान, सीटीयू का सौंदर्यीकरण, छात्र जागरूकता और सामुदायिक श्रमदान से जन स्वच्छता आंदोलन को मिली गति

फोटो कैप्शन: पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में आयोजित विभिन्न 'स्वच्छता ही सेवा' गतिविधियों की झलकियाँ।

राष्ट्रव्यापी "स्वच्छता ही सेवा" 2026 पहल के हिस्से के रूप में पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल अपने स्टेशनों, कोचिंग डिपो, रेलवे कॉलोनियों, स्वास्थ्य इकाइयों और रखरखाव प्रतिष्ठानों में व्यापक स्वच्छता, सफाई और जागरूकता अभियान चला रहा है। 17 से 20 सितम्बर, 2026 तक लगातार चार दिनों के दौरान चल रहे इस अभियान में रेल कर्मचारियों, छात्रों, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, स्वयंसेवी संगठनों, नागरिक निकायों और यात्रियों की व्यापक भागीदारी देखी गई है, जिससे एक स्वच्छ वातावरण की दिशा में एक निरंतर जन आंदोलन का निर्माण हुआ है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान में 4,100 से अधिक प्रतिभागियों को जुटाया गया, जिन्हें विभिन्न इकाइयों और स्टेशनों पर स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। मंडल भर में चलाए गए गहन स्वच्छता अभियानों के परिणामस्वरूप 5.2 टन से अधिक पृथक्कृत कचरा एकत्र किया गया, जिसमें गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वर्ग शामिल हैं। कचरा फैलाने वाले स्थानों को समाप्त करने के लक्षित प्रयास में, 83 क्लीन टारगेट यूनिट्स (CTU) या कचरा संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की गई, जिनमें से 1.19 मीट्रिक टन संचित कचरे को हटाकर लगभग 1,387 वर्ग मीटर को कवर करने वाले 23 स्थानों का कायाकल्प किया गया। इसके अतिरिक्त, 8 पुनरुद्धार किए गए स्थानों का सौंदर्यीकरण किया गया और 4 स्वच्छता-थीम वाले सेल्फी पॉइंट बनाए गए, साथ ही ईएमयू कारशेड मुंबई सेंट्रल, कोच केयर सेंटर सूरत, जगजीवन राम अस्पताल, वलसाड, उधना, पालघर और विभिन्न ट्रैकसाइड व यार्ड क्षेत्रों में गहन सफाई अभियान चलाए गए।

युवाओं की भागीदारी इस पहल का एक प्रमुख स्तंभ रही है, जिसके तहत "स्वच्छ पाठशाला – युवा फॉर स्वच्छता" आउटरीच के अंतर्गत 30 स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेलवे सेकेंडरी स्कूल वलसाड और वलसाड रेलवे स्कूल में इंटरैक्टिव सत्रों, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद और ड्राइंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और चार-स्तरीय स्रोत पृथक्करण के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, 540 से अधिक प्रतिभागियों ने स्वच्छता ज्ञान यात्रा कार्यक्रमों में भाग लिया, जिसमें वलसाड में ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट में छात्रों के लिए एक व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल था, जिसमें जल पुनर्चक्रण और 70 प्रतिशत तक जल संरक्षण को उजागर किया गया। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा रेल निकुंज, मुंबई सेंट्रल में रचनात्मक प्रतियोगिताएं और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर के पास एक जागरूकता रैली भी आयोजित की गई।

यात्रियों और निवासियों के बीच नागरिक जागरूकता फैलाते हुए, बांद्रा और वलसाड स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में, साथ ही वेस्टर्न रेलवे स्टेट भारत स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा नंदुरबार स्टेशन पर आकर्षक नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरियाँ और जागरूकता रैलियाँ आयोजित की गईं। इसके समानांतर, स्वास्थ्य और कल्याण पहल की गईं, जिसमें पालघर रेलवे कॉलोनी में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता और एचपीवी टीकाकरण परामर्श शिविर शामिल है, साथ ही सूरत और बिलिमोरा में समर्पित सफाई मित्र शिविर आयोजित किए गए, जिसमें 55 सफाई और हाउसकीपिंग कर्मचारियों को स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपकरण प्रदान किए गए।

अभियान में नागरिक निकायों और स्वयंसेवी समूहों के साथ सक्रिय सहयोग भी देखा गया है। मीरा रोड और भायंदर स्टेशनों पर यूनिवर्सल सोच फाउंडेशन, सूरत और मढ़ी में लायंस क्लब, नवसारी में नगर निगम के कर्मियों और अमलनेर में पराक्रम अकादमी के छात्रों के साथ संयुक्त श्रमदान अभियान चलाए गए, जबकि कार्मिक विभाग ने बोरीवली रेलवे कॉलोनी में पौधारोपण और स्वच्छता गतिविधियां आयोजित कीं। इन निरंतर और विविध पहलों के माध्यम से, मुंबई सेंट्रल मंडल अभियान के आगे बढ़ने के साथ "स्वच्छता में सहभाग • स्वच्छ भारत • विकसित भारत" के संदेश को सुदृढ़ करना जारी रखे हुए है।

Source – WR & RSB

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