मध्य रेल ने प्रकृति की चुनौती पर पाई विजय – मुंबई–पुणे रेल संपर्क सफलतापूर्वक बहाल
11,000 से अधिक कर्मियों के समर्पित प्रयास एवं 1,40,940 मानव श्रम -घंटों के अथक परिश्रम से कर्जत–लोनावला घाट खंड की तीनों रेल लाइनें पुनः बहाल
मध्य रेल ने कर्जत–लोनावला के दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण घाट खंड में अप, डाउन तथा मिड – तीनों रेलवे लाइनों को सफलतापूर्वक बहाल कर रेल यातायात पुनः शुरू कर दिया है। अत्यंत प्रतिकूल मौसम में लगातार 23 दिनों तक चले अभियान के बाद खंडाला और मंकी हिल के बीच अप लाइन को सुरक्षित बनाया गया तथा 28 जुलाई 2026 को 18:42 बजे रेल परिचालन पुनः प्रारंभ कर दिया गया।
दिनांक 05.07.2026 को 327 मिमी वर्षा तथा दिनांक 06.07.2026 को 600 से 670 मिमी तक हुई अत्यधिक वर्षा के कारण लोनावला–कर्जत खंड में अनेक स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे रेल परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। अप, डाउन तथा मिड – तीनों लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके परिणामस्वरूप दिनांक 06.07.2026 से 28.07.2026 तक ट्रेनों को रद्द करना, आंशिक रूप से समाप्त करना, आंशिक रूप से प्रारंभ करना, मार्ग परिवर्तित करना तथा पुनर्निर्धारित आदि करना पड़ा। इस दौरान लगभग 665 ट्रेनें प्रभावित हुईं। लगातार वर्षा के बावजूद मध्य रेल की टीम ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए युद्धस्तर पर बहाली कार्य प्रारंभ किया।
लगातार वर्षा के बीच संघर्ष
बहाली का यह अभियान प्रकृति से सीधी चुनौती जैसा था। 6 जुलाई 2026 से घाट खंड में लगातार मूसलाधार वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन, विशाल चट्टानों का गिरना तथा तटबंधों का ध्वस्त होना जैसी घटनाएँ हुईं। प्रारंभिक मलबा हटाने के बाद भी लगातार वर्षा के कारण बार-बार नया मलबा गिरता रहा। 8 जुलाई को भी लगातार वर्षा के चलते नए भूस्खलन हुए। आगे और क्षति रोकने के लिए इंजीनियरों ने संवेदनशील ढलानों एवं वर्षा से बने कटाव वाले क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर तिरपाल बिछाकर वर्षा जल के प्रवेश तथा अतिरिक्त मिट्टी कटाव को रोका।
व्यापक क्षति
दस महत्वपूर्ण स्थानों पर अत्यंत गंभीर एवं तकनीकी रूप से जटिल क्षति हुई—
खंडाला–मंकी हिल (अप लाइन): यह सबसे अधिक प्रभावित स्थान था, जहाँ लगभग 130 मीटर लंबे हिस्से में तटबंध लगभग 4 मीटर तक धंस गया, जिससे रेल पटरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मंकी हिल–ठाकुरवाड़ी (डाउन लाइन): लगभग 200 मीटर ऊँची पहाड़ी से हुए बड़े भूस्खलन में एक विशाल चट्टान रिटेनिंग वॉल से टकराई, जिससे दीवार ढह गई तथा लगभग 50 मीटर लंबा ट्रैक फॉर्मेशन 20 मीटर की गहराई तक बह गया।
टनल संख्या 51 (मिड एवं अप लाइन): अत्यधिक सतही जल प्रवाह के कारण सुरंग में पानी भर गया, जिससे शोल्डर बैलेस्ट बह गया और ट्रैक संरचना अस्थिर हो गई।
चुनौतीपूर्ण बहाली कार्य – 11,700 से अधिक कर्मी, 40 मशीनें एवं 1,40,940 मानव-श्रम घंटे
इस चुनौती का सामना करने के लिए मध्य रेल ने 11,745 कर्मियों की अभूतपूर्व टीम तैनात की, जिसमें 2,514 विभागीय कर्मचारी तथा 9,231 संविदा कर्मचारी शामिल थे। 23 दिनों तक चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर कार्य करते हुए टीम ने लगभग 1,40,940 मानव श्रम -घंटों का योगदान दिया, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए बहाली कार्य तीव्र गति से पूरा किया गया।
तैनात मशीनरी
* 18 जेसीबी
* 20 पोकलेन एक्सकेवेटर (जिनमें 2 विशेष लॉन्ग-बूम पोकलेन शामिल थे)
* पाइलिंग हेतु एक रिग मशीन तथा अनेक डम्पर
भराई एवं स्थिरीकरण के लिए उपयोग की गई सामग्री:
* 46,460 घनमीटर से अधिक ग्रैन्युलर सब-बेस (जीएसबी)
* 2,600 घनमीटर बोल्डर
उन्नत सुरक्षा के लिए स्थापित सामग्री
* 8,418 मीटर सेल्फ-ड्रिलिंग एंकर (एसडीए)
* 1,800 वर्गमीटर उच्च क्षमता वाली जियोमैट (मेश)
* 1,700 घनमीटर गैबियन दीवारें
* 7,500 रेत की बोरियाँ
लॉजिस्टिक्स
सड़क मार्ग से पूरी तरह कटे हुए कार्यस्थलों तक सामग्री पहुँचाने के लिए 110 से अधिक रेलवे रेक तैनात किए गए।
अंतिम चुनौती भी हुई पार
मिड लाइन को दिनांक 07.07.2026 तथा डाउन लाइन को 14.07.2026 को बहाल कर दिया गया था, लेकिन अप लाइन सबसे कठिन चुनौती साबित हुई। मध्य रेल की समर्पित टीम ने दिनांक 28.07.2026 को अप लाइन को रेल परिचालन के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया। यद्यपि अस्थायी बहाली का कार्य पूरा हो चुका है, भविष्य में बेहतर स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए स्थायी कार्य भी प्रारंभ कर दिए गए हैं। इनमें 1200 मिमी व्यास के बोर कास्ट-इन-सिटू पाइल तथा आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण शामिल है।
मध्य रेल उन सभी पर्यवेक्षकों, इंजीनियरों एवं श्रमिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है जिन्होंने जान जोखिम में डालकर कठिन मौसम एवं दुर्गम परिस्थितियों में कार्य करते हुए मुंबई–पुणे रेल संपर्क को पुनः स्थापित किया।
मध्य रेल इस चुनौतीपूर्ण अवधि में यात्रियों द्वारा प्रदर्शित धैर्य, सहयोग एवं समझदारी के लिए भी उनका आभार व्यक्त करती है तथा असुविधा के लिए खेद प्रकट करती है।
मध्य रेल अपने यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आरामदायक रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
Source – CR & RSB

