रोरा–मऊरानीपुर नव दोहरीकृत रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त ने किया विस्तृत वैधानिक निरीक्षण, 120 किमी/घंटा की स्पीड ट्रायल संपन्न

झांसी–मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत रोरा–मऊरानीपुर नवनिर्मित द्वितीय रेल लाइन पर रेल संरक्षा आयुक्त श्री प्रणजीव सक्सेना द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोरा एवं मऊरानीपुर रेलवे स्टेशनों सहित दोनों स्टेशनों के मध्य रेलखंड का ट्रॉली के माध्यम से गहन निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री अजीत सिंह यादव तथा मंडल रेल प्रबंधक झांसी श्री अनिरुद्ध कुमार सहित निर्माण संगठन एवं झांसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण की शुरुआत रोरा रेलवे स्टेशन से हुई, जहाँ रेल संरक्षा आयुक्त ने स्टेशन मास्टर कक्ष, रिले रूम, बैटरी रूम, सिग्नल एवं दूरसंचार व्यवस्थाओं सहित विभिन्न संरक्षा एवं परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने ट्रॉली के माध्यम से रोरा–मऊरानीपुर रेलखंड का निरीक्षण करते हुए रेल पथ की गुणवत्ता, ट्रैक जियोमेट्री, पॉइंट एवं क्रॉसिंग, पुल-पुलियाओं, समपार फाटकों तथा अन्य संरक्षा संबंधी तकनीकी मानकों का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।

मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर भी रेल संरक्षा आयुक्त ने स्टेशन परिसर, स्टेशन मास्टर कक्ष, रिले रूम, बैटरी रूम तथा अन्य परिचालन एवं संरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध संरक्षा अवसंरचना, सिग्नलिंग प्रणाली एवं परिचालन व्यवस्था का परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि सभी व्यवस्थाएँ निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही हैं।

संरक्षा निरीक्षण के क्रम में सभी उपकरणों आदि के सञ्चालन से संतुष्टि के उपरान्त रोरा–मऊरानीपुर नव दोहरीकृत रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल भी संपन्न किया गया। इस परीक्षण के दौरान रेल पथ, सिग्नलिंग प्रणाली, विद्युत व्यवस्था तथा परिचालन संबंधी विभिन्न तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया। सफल स्पीड ट्रायल इस रेलखंड की गुणवत्ता, संरक्षा एवं परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण प्रमाण है और इसके माध्यम से भविष्य में यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं तेज रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

झांसी–मानिकपुर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना क्षेत्र की रेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूर्ण होने से इस मार्ग पर रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी, ट्रेनों की समयपालनता बेहतर होगी, माल एवं यात्री परिवहन अधिक सुचारु होगा तथा बुंदेलखंड क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। संरक्षा निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल इस परियोजना के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक रेल संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Source - RSB

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