उत्तराखंड के प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व में रेलवे ट्रैक पर होने वाली हाथियों और अन्य वन्यजीवों की दर्दनाक मौतों को रोकने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर 'इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम' (Intrusion Detection System) लगाने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है, जो ट्रैक पर वन्यजीवों की मौजूदगी का समय रहते पता लगा लेगा, जिससे संभावित हादसों को टाला जा सकेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के उन बेहद महत्वपूर्ण और घने जंगलों में से एक है, जिसके बीच से रेलवे लाइन गुजरती है। अक्सर भोजन और पानी की तलाश में हाथी या अन्य जंगली जानवर पटरियों पर आ जाते हैं, जिसके कारण कई बार वे तेज रफ्तार ट्रेनों की चपेट में आ जाते हैं। सालों से रेलवे और वन विभाग के लिए इन हादसों को रोकना एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ था, लेकिन अब इस गंभीर समस्या का समाधान विज्ञान और आधुनिक तकनीक के जरिए निकाला जा रहा है।
इस नई तकनीक को धरातल पर उतारने के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन जल्द ही राज्य वन्यजीव बोर्ड (State Wildlife Board) और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Wildlife Board) से अंतिम अनुमति लेने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अनुमति की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और जैसे ही दोनों बोर्ड से हरी झंडी मिल जाएगी, रेलवे ट्रैक पर इस एडवांस सिस्टम को इंस्टॉल करने का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
Source – RSB

