उत्तर मध्य रेलवे द्वारा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और रेल संरक्षा की दिशा में एक और मील का पत्थर स्थापित किया गया है। प्रयागराज (PRYJ) और नैनी (NYN) स्टेशनों के मध्य स्थित ऐतिहासिक यमुना पुल (पुल संख्या 30) की अप एवं डाउन (UP & DN) लाइनों के शोर स्पैन (Shore Span) को नए स्टील गर्डर से बदलने का कार्य आज सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
ऐतिहासिक महत्व और उपयोगिता: यह पुल भारतीय रेल नेटवर्क का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रयागराज को कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के रूप में कार्य करता है। इस ऐतिहासिक पुल का विवरण निम्नवत है:
- मूल उद्घाटन: 15 अगस्त 1865
- लाइन का दोहरीकरण (Doubling): वर्ष 1911
- री-गर्डरिंग (Regirdering): वर्ष 1929
वर्ष 1911 में हुए दोहरीकरण के बाद से निरंतर सेवा दे रहे इस पुल की सुरक्षा और निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए, रेलवे द्वारा इसके पुराने शोर स्पैन (2x9.15 मीटर) को नए स्टील गर्डर (2x9.1 मीटर) से बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे, श्री नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं मंडल रेल प्रबंधक, श्री रजनीश अग्रवाल के सक्षम नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस जटिल इंजीनियरिंग कार्य के निष्पादन में उप मुख्य ब्रिज लाइन इंजीनियर, श्री आई.पी.एस. यादव एवं उनकी समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग, परिचालन विभाग (Operating) और बिजली विभाग (Electrical) के आपसी समन्वय और सहयोग से इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
- अप लाइन (UP Line): प्रथम शोर स्पैन की लॉन्चिंग 27 मार्च 2026 को की गई।
- डाउन लाइन (DN Line): द्वितीय शोर स्पैन की लॉन्चिंग का कार्य 28 मार्च 2026 को संपन्न हुआ।
इस नवीनीकरण से इस व्यस्त रेल खंड पर भविष्य में ट्रेनों का परिचालन और अधिक सुरक्षित एवं तीव्र हो सकेगा।
Source/RSB

