उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन - लगाई गई राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्षों को समर्पित एक प्रदर्शनी।

26 जनवरी 2026 को, उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, प्रयागराज में राष्ट्र का 77वां गणतंत्र दिवस भव्यता, उल्लास, जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह द्वारा झंडा फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने रेलवे सुरक्षा बल, भारत स्काउट और गाइड और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड की परेड का निरीक्षण किया। समारोह के दौरान महाप्रबंधक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 27 रेलवे कर्मियों जिनमें 05 संविदा सफाई कर्मी भी शामिल हैं, को सम्मानित किया। 77वें गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारियों में श्रीहरि शंकर कुमार, मुख्य वैगन संचालन निरीक्षक/योजना, परिचालन विभाग, मुख्यालय, वंदना सिंह, वरिष्ठ खंड अभियंता/टेली., सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, मुख्यालय, श्री सुशांत प्रताप सिंह, वरिष्ठ खंड अभियंता/टीआरडी, विद्युत, मुख्यालय, श्री गोविंद राम मीणा, वरिष्ठ खंड अभियंता/ कैरिज एंड वैगन, यांत्रिक (कै.वै.), प्रयागराज मंडल, श्री संजय कुमार ठाकुर, मुख्य नियंत्रक, परिचालन, प्रयागराज मंडल, श्री शांतनु चौधरी, कनिष्ठ खंड अभियंता/बिजली, विद्युत, प्रयागराज मंडल, श्री उमेश चंद्र जेम्स, उप निरीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल, प्रयागराज मंडल, श्री विमलेश कुमार पाल, ट्रैक मेंटेनर-IV, इंजीनियरिंग विभाग, प्रयागराज मंडल, अर्चना कुमारी, सहायक लोको पायलट, विद्युत परिचालन, प्रयागराज मंडल, श्री रविकांत त्रिपाठी उप मुख्य टिकट निरीक्षक, वाणिज्य विभाग, प्रयागराज मंडल, श्री प्रमोद कुमार पटेल, यातायात निरीक्षक, संरक्षा, प्रयागराज मंडल, श्री रामानंद तिवारी, वरिष्ठ खंड अभियंता/क.वि., विद्युत (कर्षण वितरण), झांसी मंडल, श्री आयुष यादव, अवर अभियंता, कैरिज एंड वैगन, यांत्रिक (कै.वै.), झांसी मंडल, श्री मुकेश कुमार, कार्यालय अधीक्षक, विद्युत सामान्य, झांसी मंडल, श्री सुधीर कांत वरिष्ठ खंड अभियंता/सिग, सिग्नल एवं दूरसंचार में झांसी मंडल, श्री महेंद्र सिंह, वरिष्ठ तकनीशियन यांत्रिक/मथुरा, आगरा मंडल, श्री कन्हैया लाल मीना, सहायक लोको पायलट, विद्युत परिचालन, आगरा मंडल, श्री राकेश मोहन, वरिष्ठ खंड अभियंता/पी.वे., इंजीनियरिंग, आगरा मंडल, श्री वीरेंद्र सिंह आरक्षी (कांस्टेबल), रेलवे सुरक्षा बल, आगरा मंडल, श्री सुनील कुमार, वरिष्ठ खंड अभियंता/बजट, यांत्रिक, कारखाना झांसी, श्री अजय कुमार, टेक्नीशियन-I, यांत्रिक, सिथौली कारखाना, श्री प्रशांत प्रकाश, वरिष्ठ खंड अभियंता, यांत्रिक, सी.एम.एल.आर, श्री राहुल राय वरिष्ठ खंड अभियंता/सिग्नल/PU, सिग्नल एवं दूरसंचार एनसीआरपीयू, श्री खुमेंद्र नारायण, मुख्य स्वास्थ्य एवं मलेरिया निरीक्षक, यांत्रिक (EnHM), प्रयागराज, श्री शिवेश विक्रम मालवीय, स्टेशन अधीक्षक (MKP) परिचालन, प्रयागराज, श्री जितेंद्र साव, वरिष्ठ खंड अभियंता/ EnHM, यांत्रिक झांसी, श्री आशुतोष कुमार राय, स्वास्थ्य निरीक्षक (MTJ) यांत्रिक (EnHM), आगरा शामिल थे। इनके अतिरिक्त पहली बार मंडलों में कार्यरत संविदा सफाई कर्मियों श्री कृष्णा, प्रयागराज, श्री प्रदीप शर्मा, प्रयागराज, श्री अशोक झांसी, श्री राजू डैगर, ग्वालियर, श्री राजेश, आगरा, श्री अजय कुमार, माथुर आदि संविदा कर्मियों का भी चयन पुरस्कार हेतु किया गया है।

इस अवसर पर श्री नरेश पाल सिंह, सभी प्रधान विभागाध्यक्षों एवं महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं ने 139 के बैनर के साथ तिरंगे गुब्बारे हवा में छोड़े। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसके अंतर्गत उत्तर मध्य रेलवे सांस्कृतिक टीम द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति के समूह गीत गायन (निर्देशन कु. ऋचा पाण्डेय, मो. फैजान अहमद, श्री रमाशंकर यादव एवं वादक- श्री विपुल पाण्डेय, श्री अनूप बनर्जी एवं श्री आकाश कुमार) ने उपस्थित जनों को देशप्रेम की भावना से अभिभूत कर दिया। इसी क्रम में श्रीमती पूर्णिमा एवं सुश्री अपराजिता के निर्देशन में टेंडरफीट के बच्चों द्वारा समूह नृत्य, सुश्री मंजू जोशी के निर्देशन में स्काउट एंड गाइड के बच्चों द्वारा एवं सुश्री मिताली वर्मा के निर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे सांस्कृतिक टीम द्वारा मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए गए। इन रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति की भावना से भरते हुए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्षों को समर्पित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी में स्टैंडियों पर वर्ष 1923 में प्रकाशित चित्रों के माध्यम से वंदे मातरम को दर्शाने वाले एक एल्बम को आधार बनाकर गीत को दर्शाया गया था। ज्ञात हो कि उक्त चित्र कर्तव्यपथ पर भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में वंदे मातरम गीत का इतिहास और इसके अंग्रेजी और हिंदी में अनुवाद तथा ग्रामोफोन रिकॉर्डों के विषय में भी दर्शाया गया था। इस प्रदर्शनी में लगा सेल्फी बूथ भी अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के मध्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस सेल्फी बूथ पर महाप्रबंधक महोदय सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी फोटो खिंचवाई गई।

समारोह के दौरान, महाप्रबंधक ने हमारे महान राष्ट्र के 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में महाप्रबंधक ने कहा कि, ‘’अपने गौरवशाली राष्ट्र के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर पूरे उत्तर मध्य रेल परिवार को मेरी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह वह ऐतिहासिक दिन है जब ‘पूर्ण स्वराज‘ की घोषणा के बीस वर्षों बाद हमारे गणतंत्र का उद्भव हुआ और देश को अपना संविधान मिला। हमारे देश के जिन महान नायकों और नारी शक्ति के अदम्य साहस और संघर्ष से हमें स्वतंत्रता हासिल हुई और हमारा राष्ट्र संप्रभु एवं लोकतांत्रिक गणतंत्र बना, उनका अप्रतिम योगदान हम सब के लिए सदैव स्मरणीय और वंदनीय रहेगा। इस पुनीत अवसर पर हम अपने उन सभी महान विभूतियों को, उनके त्याग और बलिदान के लिए कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हैं और उनको नमन करते हैं। यह वह अवसर भी है जब हम अपने पिछले कार्य निष्पादन का मूल्यांकन करते हैं और भावी लक्ष्यों और योजनाओं पर भी विचार करते हैं। हम राष्ट्र की सेवा के अपने संकल्प के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। हमारी रेलवे भारतीय रेल के महत्वपूर्ण अंग के रूप में निरंतर अपना सराहनीय योगदान दे रही है। हमारी रेलवे में किए जा रहे उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण कार्यों के फलस्वरूप, हाल ही में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह के अवसर पर हमें सिग्नलिंग एवं दूरसंचार दक्षता शील्ड का प्रतिष्ठापरक पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए मैं टीम एनसीआर को उसके अथक एवं अनवरत प्रयासों के लिए अपनी हार्दिक बधाई देता हूँ।

हमारे ये प्रयास और योगदान मूलतः हमारे वित्तीय कार्य निष्पादन से परिलक्षित होते हैं। दिसंबर, 2025 तक मालभाड़ा अर्जन में हुई 12.65% की वृद्धि के परिणामस्वरूप, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में हमारे सकल अर्जन में 6.80% की उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्राहक संतुष्टि हमारी कार्यप्रणाली का मूल सरोकार है। यातायात की दृष्टि से भारी दबाव वाले तथा अति व्यस्त रेल मार्गों पर भी हमने अपने यात्रियों की सुविधा के लिए 18 नई गाड़ियां चलाई हैं तथा 38 गाड़ियों का विभिन्न स्टेशनों पर नया स्टॉपेज भी दिया है। अत्यधिक भीड़ वाले अवसरों पर यात्रियों की माँग को पूरा करने के लिए 1110 फेरे स्पेशल गाड़ियों का संचालन किया गया है तथा आवश्यकतानुसार गाड़ियों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त हमने पाँच पैसेंजर गाड़ियों को मेमू गाड़ियों में और 15 गाड़ियों को 22 कोच वाली गाड़ी के मानक कंपोजीशन में परिवर्तित किया है, जिससे 1376 अतिरिक्त बर्थ की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। हम अपने कार्यों के निष्पादन में निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हैं और इस परिप्रेक्ष्य में इस वर्ष स्टेशन सुविधाओं का महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। गाड़ियों में और स्टेशन के पास यात्रियों को बेहतर खानपान की सुविधा मिल सके, इसके लिए हमने छह और स्टेशनों पर रेल कोच रेस्टोरेंट की शुरुआत की है और विभिन्न स्टेशनों पर 72 नई कैटरिंग यूनिट प्रारंभ की गई हैं। हमने जोन में स्टेशनों पर अधिकाधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए, अधिक लंबाई वाली गाड़ियों के लिए आठ स्टेशनों पर प्लेटफार्मों की लंबाई को और 21 स्टेशनों के 26 प्लेटफार्मों की ऊँचाई को बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन के कार्यों के अंतर्गत 10 स्टेशनों पर प्लेटफार्म शेड लगाए गए हैं तथा विभिन्न स्टेशनों पर 3 एस्केलेटर और 5 लिफ्ट भी लगाई गई हैं।

अपने स्टेशनों पर समस्त यात्रियों हेतु सुविधा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हमने 35 और स्टेशनों पर वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर मध्य रेलवे में अब कुल 147 स्टेशन दिव्यांगों की सुविधा की दृष्टि से पूर्णतः दिव्यांग-हितैषी स्टेशन बन गए हैं। 6 स्टेशनों पर ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड तथा कोच गाइडेंस प्रणाली लगाई गई है, ताकि यात्रियों को गाड़ियों के बारे में समुचित जानकारी मिल सके। बेहतर साफ-सफाई, अधिकाधिक किफायत एवं रिसाइकिल्ड पानी का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सूबेदारगंज स्टेशन पर ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के 76 कोचों में टंकियों के जल स्तर की स्थिति को अपडेट करने के लिए IOT(आई ओ टी) आधारित जल स्तर इंडिकेटर लगाए गए हैं।

रेल परिचालन एवं दैनिक कामकाज में संरक्षा सुनिश्चित करना हमारा सर्वोपरि दायित्व है। जोन में सुरक्षित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमने इस वर्ष अपने कामकाज में उल्लेखनीय सतर्कता बरतने वाले 132 कर्मचारियों को सम्मानित किया है और 37 संरक्षा अभियान चलाए हैं। स्टेशनों पर संरक्षा और यात्रियों की सुविधा के लिए वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 23 नए फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। इनमें 12 मीटर चौड़ाई वाले 09 एफओबी भी शामिल हैं। उत्तर मध्य रेलवे के शत-प्रतिशत एसी कोचों और पावर कारों में फायर एवं स्मोक डिटेक्शन प्रणाली का प्रावधान कर दिया गया है। हमने 42 रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है और कर्मचारी वाले 34 समपार फाटकों को बंद कर दिया गया है। 15 समपार फाटकों की इंटरलॉकिंग की गई है और वहाँ स्लाइडिंग बूम एवं विद्युत चालित लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए हैं। हमने अपने मोबाइल वीडियो वैन जैसे अभिनव साधनों सहित विभिन्न माध्यमों द्वारा आम जनता को संरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने एवं उनमें जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से गहन प्रचार-प्रसार अभियान चलाया है। हम ट्रैक अनुरक्षण में नियमित रूप से इनपुट के प्रावधान तथा अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल द्वारा गाड़ी परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। दिसंबर, 2025 तक 293 किलोमीटर TSR (टीएसआर), 274 किलोमीटर TRR (टीआरआर) के कार्य किए गए हैं। BCM (बीसीएम) द्वारा 281 किलोमीटर ट्रैक पर डीप स्क्रीनिंग की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7% अधिक है। रेलवे रूट के ऊपर के अब तक 108 पुलों के नवीनीकरण/पुनर्निर्माण/सुदृढ़ीकरण के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। परिसंपत्ति विश्वसनीयता में वृद्धि के लिए 7 ब्लॉक सेक्शनों में BPAC (बीपीएसी), 1013 ट्रैक सेक्शनों में ड्युअल डिटेक्शन सहित MSDAC (एमएसडीएसी) तथा 198 स्टेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं। गाड़ी परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थ्री-फेज वाले 183 लोकोमोटिव, जिनमें 96 WAP-7 और 87 WAG-9 लोकोमोटिव हैं, उनमें कवच प्रणाली लगाई गई है।

मौजूदा ट्रंक रूट पर लाइन क्षमता एक बड़ी चुनौती है। हमने विभिन्न प्रकार की कारगर युक्तियों की शुरुआत कर अवरोधों एवं दबावों को कम करने के प्रयास किए हैं और इस क्रम में अधिकतम थ्रूपुट प्राप्त किया है। वर्तमान वर्ष के दौरान विद्युतीकरण सहित लगभग 79 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग के कार्य कमीशन किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त सबलगढ़-बीरपुर गेज परिवर्तन और अलीगढ़-दाऊद खाँ तीसरी लाइन का CRS (सीआरएस) निरीक्षण प्रस्तावित किया गया है। सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित बड़े कार्यों के अंतर्गत इस वर्ष 172.29 किलोमीटर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग एवं 10 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग को कमीशन कर दिया गया है।

सुचारु कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने में हमारे शेड और कारखाने भी अपना सराहनीय योगदान दे रहे हैं। वर्ष 2025 के दौरान रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली द्वारा लगभग 1.24 लाख स्प्रिंग्स का उत्पादन किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 56% अधिक है। बिजली लोको शेड, कानपुर को इनोवेशन कैटेगरी पुरस्कार के अंतर्गत वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्रदान किया गया है। राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए हमारे झांसी कारखाना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान रक्षा बलों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाई गई।

उत्तर मध्य रेलवे भारतीय रेल के नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के ‘‘मिशन 2030’’ के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को पूरा करने में अपना अहम योगदान दे रही है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय परिसर की गंगा बिल्डिंग और पावर हाउस को शून्य+ लेबल तथा सरस्वती बिल्डिंग को शून्य लेबल का प्रमाणन प्रदान किया गया है। इस वर्ष 09 LHB (एलएचबी) रेक की शुरुआत के बाद कुल 45 LHB (एलएचबी) रेकों को हेड ऑन जेनरेशन में बदला गया, जिससे 52.17 करोड़ रुपए मूल्य के डीजल की बचत हुई है। हमने दिसंबर, 2025 तक 221 करोड़ रुपए के स्क्रैप की बिक्री की है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 15% अधिक है।

यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और हम इसके प्रति पूरी तरह संजीदा हैं। इस संबंध में हम कड़े कदम उठा रहे हैं। इस सिलसिले में हमारे रेलवे सुरक्षा बल के जवानों द्वारा ऑपरेशन उपलब्ध के तहत 22 दलालों को पकड़ा गया है। ऑपरेशन डिग्निटी के अंतर्गत 811 बच्चों, 73 महिलाओं और 52 पुरुषों को सुरक्षित बचाया गया और उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया अथवा सुरक्षित रूप से NGO (एनजीओ) को सौंप दिया गया। अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। इसमें लिप्त 11146 अनधिकृत वेंडरों को गिरफ्तार किया गया और उनसे 85.95 लाख रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई। जोन में कार्य संस्कृति को और अधिक स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से हमारे सतर्कता विभाग द्वारा प्रणालीगत सुधार के 10 निर्देश जारी किए गए हैं। सतर्कता विभाग की सक्रियता के परिणामस्वरूप जुलाई से दिसंबर, 2025 तक 475.85 लाख रुपए के राजस्व की वसूली हुई। हमारा लेखा विभाग भी वित्तीय कार्य निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लेखा विभाग ने वित्तीय मामलों के प्रस्तावों का तत्परता के साथ निपटारा किया है, साथ ही आर्थिक मितव्ययिता भी सुनिश्चित की है। विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान 9674 करोड़ रुपए के कुल 1057 प्रस्तावों की जाँच की गई और तदनुसार उन्हें मंजूरी दी गई। इसमें 242 करोड़ रुपए के राजस्व की बचत की गई है। हमारा सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ आईटी ढांचे को बेहतर बनाने और डिजिटल प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ द्वारा कंप्यूटरीकरण एवं नेटवर्किंग से संबंधित 22 कार्यों को मंजूरी दी गई है। हमारे भंडार विभाग द्वारा इस वर्ष 465 करोड़ रुपए की वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18% अधिक है।

राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के साथ हमारा अंतर्मन से जुड़ाव रहा है और हमारे राजभाषा विभाग के सक्रिय योगदान से कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। हमारे मुख्यालय कार्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा चल वैजयंती का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित अखिल भारतीय रेल राजभाषा प्रतियोगिताओं में हमारी रेलवे के दो कर्मचारियों ने पुरस्कार प्राप्त कर अपनी रेलवे का गौरव बढ़ाया है। हमारे खिलाड़ी खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से हमारी रेलवे का गौरव बढ़ाते रहे हैं। मैं जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीतने वाली राष्ट्रीय हॉकी टीम में हमारे खिलाड़ी एवं टीम के कप्तान श्री रोहित और टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी श्री अंकित पाल को विशेष रूप से बधाई देता हूँ। हमारे पहलवान श्री जॉन्टी कुमार और लवप्रीत तथा एथलीट श्री भूपेंद्र सिंह ने नेशनल चैंपियनशिप में पदक प्राप्त किया है। हमारी भारोत्तोलक सुश्री कोमल कोहर ने अंतर रेलवे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर सराहनीय प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। मैं उन्हें भी हार्दिक बधाई देता हूँ।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत राष्ट्रीय चिकित्सा सेवा श्री पुरस्कार प्राप्त करने के लिए मैं डॉ. संजय को अपनी हार्दिक बधाई देता हूँ। यह प्रतिष्ठित सम्मान रेलवे चिकित्सा सेवाओं में उनके उत्कृष्ट योगदान को रेखांकित करता है। चिकित्सा विभाग द्वारा पिछले छह महीनों में लगभग 30,000 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई और 11 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। कर्मचारियों की सेहत की देखभाल के अलावा, विभाग द्वारा 7,662 यात्रियों को भी मेडिकल सहायता प्रदान की गई तथा रेलवे स्टेशनों के स्टॉलों पर खानपान के सामानों की गुणवत्ता की सघन जांच-पड़ताल कर यात्री सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई। अपने कार्यबल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हमने 138 अनुकंपा आधार नियुक्तियां की हैं और नए एडवांस MACP (एमएसीपी) कैलेंडर के अनुसार MACP (एमएसीपी) की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और आसान बनाया है, जिससे 1,164 कर्मचारियों को लाभ प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त हमारे सिंगल विंडो सेल ने 98.33% की उल्लेखनीय निराकरण दर से शिकायतों का निपटारा कर अपनी उत्कृष्ट कार्यकुशलता दिखाई है। उत्तर मध्य रेलवे के इतिहास में पहली बार, कार्मिक विभाग द्वारा विभिन्न विभागों में पदोन्नति कोटा वैकेंसी के तहत खाली पदों को भरने के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट आयोजित किए गए।

उत्तर मध्य रेलवे में रेल संचालन में अपने सहयोग द्वारा सक्रिय एवं रचनात्मक भूमिका निभाने तथा शांति एवं सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने के लिए मैं अपनी मान्यता प्राप्त यूनियनों, संघों एवं संगठनों को हार्दिक बधाई देता हूँ। उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन ने अपनी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद रेलकर्मियों एवं उनके परिजनों की सहायता और गरीब बच्चों को आर्थिक मदद करने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए मैं उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। हमारे स्काउट एवं गाइड तथा सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड कर्मी और सिविल डिफेंस संगठन भी समाज के प्रति अपना बहुमूल्य दायित्व निभा रहे हैं। गर्व की बात है कि हमारे 12 स्काउट/गाइड/रोवर ने राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल किया है। हम उत्तर मध्य रेलवे की प्रणाली को लगातार एक ऐसा सशक्त स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे हमारी रेलवे न केवल आर्थिक रूप से और अधिक सुदृढ़ बनेगी, बल्कि हमारे ग्राहकों को भी एक सुखद एवं यादगार अनुभव प्राप्त हो सकेगा। आइए, आज इस पावन अवसर पर हम सब उत्तर मध्य रेलवे को सफलता के उच्च शिखर पर पहुँचाने तथा अपने सम्मानित ग्राहकों को लगातार बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिज्ञा करें। मुझे उम्मीद एवं पूर्ण विश्वास है कि आप सबकी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता तथा हमारे स्टेकहोल्डर्स के अमूल्य सहयोग से, उत्तर मध्य रेलवे आगे और अधिक सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करती रहेगी।

77वें गणतंत्र दिवस पर महाप्रबंधक का संदेश यूट्यूब लिंक www.youtube.com/c/CPRONCR का उपयोग करते हुए ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन के पदाधिकारी एवं अन्य सदस्य, उत्तर मध्य रेलवे के सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, अन्य अधिकारी गण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

Source/RSB

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