उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत कार्यरत रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली (ग्वालियर) ने दिसंबर माह 2025 में 12,902 हेलिकल स्प्रिंग का उत्पादन कर, कारखाने की स्थापना के उपरांत अब तक का सर्वाधिक मासिक उत्पादन कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि भारतीय रेल की उत्पादन क्षमता, कार्यकुशलता एवं तकनीकी उत्कृष्टता का उत्कृष्ट प्रमाण है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिसंबर 2025 तक कुल 90,883 स्प्रिंगों का उत्पादन किया जा चुका है। स्प्रिंग उत्पादन में पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 50% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, दिसंबर माह में भारतीय रेल की विभिन्न इकाइयों को कुल 13,449 हेलिकल स्प्रिंगों का प्रेषण (Dispatch) किया गया, जो वर्तमान वित्तीय वर्ष का अब तक का सर्वाधिक मासिक प्रेषण है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री अनिल कुमार द्विवेदी एवं मुख्य कारखाना इंजीनियर श्री रजनीश बंसल के मार्गदर्शन तथा मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री शिवाजी कदम के कुशल नेतृत्व में प्राप्त हुई है। साथ ही, उप मुख्य यांत्रिक अभियंता श्री अनिल कुमार वर्मा, सहायक कार्य प्रबंधक श्री धनंजय रहाळकर, सहायक रसायन एवं धातुकर्मज्ञ श्री रमेश कुमार हनोते तथा सहायक सामग्री प्रबंधक श्री कीरोड़ी लाल मीणा के प्रभावी प्रबंधन एवं सतत निगरानी ने इस सफलता को संभव बनाया।
इस कीर्तिमान को हासिल करने में उत्पादन अनुभाग के वरिष्ठ अनुभाग अभियंताओं—श्री सुभाष मीणा, श्री चेतन शर्मा, श्री सुशील मौर्य एवं श्री हेमंत सक्सेना—द्वारा उत्कृष्ट योजना, संसाधनों के कुशल उपयोग एवं टीमवर्क के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। इसके साथ ही, गुणवत्ता प्रभारी श्री विजय कुमार कुशवाहा द्वारा गुणवत्ता मानकों का कठोर अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उत्पादन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई गई।
कारखाना प्रशासन ने इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय सभी अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, कठिन परिश्रम और सामूहिक प्रयासों को दिया है। यह उपलब्धि न केवल कारखाने की कार्यक्षमता को सिद्ध करती है, बल्कि भविष्य में और भी बड़े उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त प्रेरणा प्रदान करती है।
Source/RSB

.jpg)