महाप्रबंधक द्वारा राजस्व बढ़ाने के निर्देशों और वाणिज्य/परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से अक्टूबर तक रूपये 4958 करोड़ 70 लाख का कुल प्रारंभिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (रूपये 4618 करोड़ 90 लाख) की तुलना में 7.36 प्रतिशत अधिक है। ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू के मद वाइज़ आय पर नजर डालें तो यात्री यातायात से रूपये 1492 करोड़ 16 लाख, माल यातायात से रूपये 3214 करोड़ 35 लाख, अन्य कोचिंग मद में रूपये 106 करोड़ 76 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रूपये 145 करोड़ 43 लाख का रेलवे राजस्व प्राप्त किया है।
चालू वित्तीय वर्ष के सात माह में मंडल वाइज़ बात करें तो जबलपुर मंडल ने रूपये 2957 करोड़ 09 लाख, भोपाल मंडल ने 1068 करोड़ 10 लाख एवं कोटा मंडल ने रूपये 933 करोड़ 51 लाख का कुल प्रारंभिक राजस्व अर्जित किया है।
यात्री यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं:-
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
- पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित कर चलाया जा रहा है।
- यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं।
- पश्चिम मध्य रेल में मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया जा रहा है।
माल यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं:-
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है। गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
अन्य कोचिंग एवं विविध आय यानि संड्री रेवेन्यू के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं:-
- गैर-किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नवीन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- नई अभिनव गैर-किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) नीति के तहत नई-नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
पश्चिम मध्य रेल द्वारा ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू की उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है और आगे भी जारी रखेगा।
Source/WCR

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