पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवरहालिंग का कार्य किया जाता है। दोनों कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन में अनुरक्षण डिपो में चालू वित्तीय वर्ष के चार माह में कोचों/वैगनों का अनुरक्षण करके अच्छा प्रदर्शन किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025 के पाँच माह में सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 3615 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवरहालिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना भोपाल ने 500 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 3115 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया।
अकेले अगस्त माह की बात करें तो सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 696 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवरहालिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना भोपाल ने 96 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 600 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया।
पीरियोडिक ओवरहालिंग (पीओएच) के दौरान निम्न कार्य किए जाते हैं :-
- कोच और वैगन के बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो संरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
- एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफर की मरम्मत की जाती है, जिससे संरक्षा में बढ़ोत्तरी एवं जर्क फ्री राइडिंग का अनुभव होता है।
- व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।
Source/WCR

