दिनांक 15 अगस्त 2025 को सूबेदारगंज स्थित उत्तर मध्य रेलवे प्रधान कार्यालय प्रयागराज में राष्ट्र का 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक श्री उपेन्द्र चन्द्र जोशी द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक महोदय ने रेलवे सुरक्षा बल, भारत स्काउट एवं गाइड तथा सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड की परेड का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक महोदय ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले 21 रेल कर्मियों को पुरस्कृत भी किया।
स्वतंत्रता दिवस संदेश में महाप्रबंधक महोदय ने उत्तर मध्य रेलवे के सभी कर्मचारियों, जवानों, पर्यवेक्षकों, अधिकारियों एवं उनके परिजनों को गौरवशाली राष्ट्र के 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी और उद्बोधन दिया। महाप्रबंधक महोदय का उद्बोधन निम्नवत है:-
“अपने गौरवशाली राष्ट्र के 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं उत्तर मध्य रेलवे परिवार को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह वह ऐतिहासिक दिन है, जब हमारे देश को विदेशी शासन और गुलामी की जंजीरों से स्वतंत्रता हासिल हुई थी और एक ओजस्वी राष्ट्र के रूप में हमने अपना गौरव फिर से प्राप्त किया था। आज हम देश को आजाद कराने वाले अपने महापुरुषों के बलिदान और निःस्वार्थ सेवा का पुण्य स्मरण करते हैं। हमारा यह पुनीत कर्तव्य है कि उन स्वाधीनता सेनानियों ने देश के विकास का जो सपना संजोया था, हम उसे साकार कर विकास और उन्नति का मार्ग निरंतर प्रशस्त करते रहें। इस पावन अवसर पर हमें यह भी संकल्प लेना चाहिए कि हम राष्ट्र और राष्ट्रवासियों की सेवा के साथ-साथ मानवता के कल्याण के व्यापक उद्देश्यों के प्रति भी समर्पित रहेंगे। आज का दिन अपनी उपलब्धियों पर जश्न मनाने का दिन होता है, लेकिन ये उपलब्धियां तो आगे आने वाली उन नई मंजिलों के रास्ते का पड़ाव मात्र हैं, जो हमारा बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। अतः यह वह सुअवसर भी है जब हम अपने पिछले कार्यनिष्पादन का मूल्यांकन और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा तैयार करते हैं। उत्तर मध्य रेलवे वर्ष 2003 में अपने गठन के समय से ही भारतीय रेल के महत्वपूर्ण अंग के रूप में अपना अहम योगदान दे रही है। हमारा यह योगदान प्रथमतः हमारे उस वित्तीय कार्यनिष्पादन में ही परिलक्षित है, जिसके तहत इस वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में यात्री और विविध अर्जन में क्रमशः 3.64 प्रतिशत तथा 83.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अंतर्गत यात्रियों की संख्या में भी 8.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान खाद्यान्न सामग्रियों के मूल लदान में 32 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस तरह मूल मालभाड़ा लदान से होने वाले सकल राजस्व अर्जन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024-25 के दौरान हमारे भंडार विभाग ने लक्ष्य से 4.7 प्रतिशत अधिक 272 करोड़ रुपए के स्क्रैप की बिक्री कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष जुलाई के अंत तक 75 करोड़ रुपए के स्क्रैप की बिक्री की गई है। ग्राहक संतुष्टि हमारे संपूर्ण कार्यों का मुख्य ध्येय है। हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि हमें इस वर्ष जनवरी से फरवरी तक प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला के दौरान, प्रयागराज में एकत्र यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के अब तक के विशालतम जनसमूह के आवागमन हेतु व्यापक स्तर पर प्रबंधन एवं परिचालन के दायित्व के निर्वहन का अवसर प्राप्त हुआ। इस संबंध में हमने गहन कार्य योजना बनाकर और अपने समर्पित रेल कर्मियों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से इसका सटीक क्रियान्वयन करके, मेला का सुरक्षित, सुचारू एवं सफल आयोजन सुनिश्चित किया। यात्रियों के निर्बाध एवं त्वरित आवागमन के लिए बृहद स्तर पर मेमू गाड़ियों को उपयोग में लाया गया और पारंपरिक रेकों में दोनों ओर इंजन लगाकर इनका कारगर संचालन किया गया। हमने यात्रियों की सुविधाओं के लिए बहुभाषी पब्लिक ऐड्रेस एवं इंक्वायरी सिस्टम, बहुभाषी सूचना ब्रोशर, कुंभ रेल सेवा मोबाइल एप इत्यादि जैसे अभिनव तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया, ताकि रेलकर्मियों को उनके निरंतर अथक कार्यों में कारगर सहायता प्रदान की जा सके और यात्रियों की सकुशल बेहतर सेवा सुनिश्चित हो सके। महाकुंभ मेला के लिए 5000 करोड़ रुपए की धनराशि वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों को अत्यंत सुनियोजित तरीके से पूरा करने में उत्तर मध्य रेलवे के समन्वित प्रयासों की मुख्य भूमिका रही है। हमने 17000 से अधिक गाड़ियों का संचालन कर, महाकुंभ स्नान के लिए आए लगभग 5 करोड़ तीर्थयात्रियों का सुरक्षित एवं सुचारु परिवहन सुनिश्चित किया। यह वस्तुतः हमारे समर्पित रेलकर्मियों की अटूट निष्ठा एवं सेवा भावना का परिचायक है। ग्राहक सुविधा को नया आयाम देते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्विकसित 09 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री के करकमलों द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त वर्तमान वित्त वर्ष में अत्यधिक भीड़ वाली अवधि के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 931 ट्रिप मेला और समर स्पेशल गाड़ियां चलाई गईं और 44 ट्रिप के लिए विभिन्न गाड़ियों में अस्थायी तौर पर अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए। हमने 10 गाड़ियों की अधिकतम गति को बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटे कर दिया है, जिससे इस गति से अब कुल 636 गाड़ियां चलाई जा रही हैं। स्टेशनों पर यात्रियों का आसानी से आवागमन हो सके, इसके लिए अब तक उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर 61 एस्केलेटर और 49 लिफ्ट लगाए जा चुके हैं तथा इस वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर 02 एस्केलेटर और 10 लिफ्ट और लगाए जाने की योजना है। 10 स्टेशनों पर नए फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। इनमें डीग और विंध्याचल में निर्मित 12 मीटर चौड़े एफओबी भी शामिल हैं। 05 और स्टेशनों पर दिव्यांगों हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे हमारे जोन के अब कुल 117 स्टेशनों पर दिव्यांगों हेतु आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया जा चुका है। गाड़ी परिचालन में संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर्मचारियों के बीच अपने दैनिक कार्यों में सुरक्षित कार्य पद्धतियों को अपनाने की दायित्व भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके, इसके लिए हमारे संरक्षा विभाग द्वारा जोन में 20 संरक्षा अभियान चलाए गए। इसी उद्देश्य से एनडीआरएफ के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन अभ्यास के हिस्से के तौर पर मॉक ड्रिल भी आयोजित किया गया। पिछले वित्त वर्ष के दौरान 831 किलोमीटर रूट पर कवच प्रणाली लगाई गई। हमने थ्री फेज़ वाले 125 रेल इंजनों में भी कवच के उपकरण लगाए हैं। 44 स्टेशनों पर स्टेशन पैनलों का सेफ्टी इंटीग्रिटी परीक्षण किया गया। इस वर्ष 13 स्टेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम उपलब्ध कराए गए हैं। संरक्षा में विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए 04 ब्लॉक सेक्शनों में बीपीएसी और 478 ट्रैक सेक्शनों में ड्यूअल डिटेक्शन प्रणाली चालू की गई है। कर्मचारी निरंतर सुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाएं, इस हेतु उन्हें प्रेरित करने की दृष्टि से हमने इस वर्ष गाड़ी परिचालन के कार्यों में अनुकरणीय सतर्कता बरतने और संरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले 31 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया है। समपारों पर संरक्षा में वृद्धि के लिए पिछले वर्ष कर्मचारी की तैनाती वाले 90 समपार फाटकों को समाप्त कर दिया गया तथा इस क्रम में इस वर्ष 09 और समपार फाटकों को समाप्त कर दिया गया है। इनके स्थान पर पिछले वर्ष 103 और वर्तमान वर्ष के दौरान 22 आरओबी/आरयूबी का निर्माण किया गया है। गाड़ी परिचालन में संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अब तक 03 समपार फाटकों की इंटरलाकिंग की गई है। आम जनता में संरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता की भावना के प्रसार के लिए मोबाइल वीडियो वैन, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से कई जागरूकता अभियान चलाए गए, जिनमें सड़क उपयोगकर्ताओं को विशेष रूप से शामिल किया गया। परिसंपत्तियों का अनुरक्षण एवं समुचित रखरखाव संरक्षित एवं निर्बाध परिचालन का मूल मंत्र है। इस दृष्टि से हमने इस वर्ष जून तक 74.26 किलोमीटर टीआरआर और 94.62 किलोमीटर सीटीआर के कार्य को पूरा कर लिया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमशः 72 प्रतिशत और 25 प्रतिशत अधिक है। हम अपने रेल मार्गों पर अत्यधिक दबाव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं और लाइन क्षमता में वृद्धि के कार्यों के द्वारा इनपुट का सन्निवेश कर गाड़ियों के परिचालन में और अधिक वृद्धि का भी प्रयास कर रहे हैं। इस सिलसिले में हमने अपने 42.77 किलोमीटर सेक्शनों पर सेक्शनल गति को बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया है। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान ट्रैक के किनारे 243.72 किलोमीटर बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है। 05 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग और 91.32 किलोमीटर पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग चालू कर दी गई है। गाड़ियों के सुचारु परिचालन हेतु जौरा अलापुर में कर्षण सब स्टेशन चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त इस वर्ष 34.45 ट्रैक किलोमीटर साइडिंग का भी विद्युतीकरण किया गया है।
हमारे कारखाने भी सम्मानित ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सीएमएलआर/कारखाना, झाँसी ने एसी एलएचबी कोचों के मिडलाइफ नवीनीकरण का कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दिया है और वर्ष 2024-25 के दौरान कारखाना द्वारा ऐसे 57 कोचों सहित कुल 376 कोचों का रिहैबिलिटेशन किया गया है। रेल कोच नवीनीकरण कारखाना, झाँसी का कुल आउटटर्न भी निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 10% से अधिक रहा है। वैगन मरम्मत कारखाना, झाँसी ने भी जनवरी, 2025 में 725 वाहन यूनिट की तुलना में 1101 वाहन यूनिट के सबसे अधिक आउटटर्न की उपलब्धि हासिल कर अनुकरणीय मिसाल रखी है। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा 24 मई, 2025 को आयोजित ‘लोको कैब प्रतियोगिता’ में हमारे इलेक्ट्रिक लोकोशेड, कानपुर के लोकोमोटिव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणाली के प्रति हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हमारी 10 बिल्डिंगों को वर्ष 2024-25 के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो का शून्य/शून्य + का प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है तथा इस वर्ष हमारी 19 और ऐसी बिल्डिंगों की पहचान की गई है, जिन्हें यह प्रमाणन प्राप्त होने की प्रबल संभावना है। हमारे सौर ऊर्जा संयंत्रों द्वारा जनवरी से जून, 2025 के दौरान अब तक का सर्वाधिक 6.37 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है।
सुधार एक सतत प्रक्रिया है और इस सुधार प्रक्रिया में सतर्क प्रबंधन के साथ-साथ तकनीकी साधनों का प्रयोग भी अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे सतर्कता विभाग द्वारा अनुचित कार्यप्रणालियों पर न केवल अंकुश लगाया जा रहा, बल्कि इस संबंध में सुधार के तौर-तरीकों के बारे में सुझाव एवं परामर्श भी दिया जा रहा है। वर्तमान वर्ष के दौरान सतर्कता विभाग द्वारा विभिन्न विषयों के संबंध में प्रणालीगत सुधार के 17 निर्देश जारी किए गए, जिनमें वर्क्स संविदा के मामले में अधिक प्राक्कलन और कर्मचारियों के स्वयं के अनुरोध के आधार पर उनके अंतर मंडलीय स्थानांतरण आदि जैसे विषय शामिल हैं। यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और हम इसके प्रति पूरी तरह संजीदा हैं। इस सिलसिले में महाकुंभ के दौरान हमारे रेल सुरक्षा बल के जवानों द्वारा बहुत ही सराहनीय भूमिका निभाई गई। महाकुंभ के दौरान उन्होंने न केवल तीर्थयात्रियों को सुरक्षा प्रदान की, बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी अपना अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमारे रेल सुरक्षा बल के जवानों द्वारा अपने परिजनों से बिछड़े 211 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया एवं उन्हें उनके परिजनों से मिलवाया गया अथवा सुरक्षित रूप से एनजीओ को सौंप दिया गया। उन्होंने मादक पदार्थों तथा प्रतिबंधित सामग्री को ले जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तथा इस संबंध में 12,50,700/- रुपए मूल्य की सामग्री के साथ 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा टिकटों की अवैध बिक्री तथा अवैध वेंडिंग के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए, वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 13 अनधिकृत टिकट एजेंटों तथा 3062 वेंडरों को पकड़ा गया। मानव संसाधन किसी भी संगठन की अमूल्य निधि होते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में हमारी टीम एनसीआर हमारी वह ताकत है, जिसने सभी क्षेत्रों में अपनी रेलवे का नाम ऊँचा बनाए रखा है। ऐसी समर्पित टीम के हितों की समुचित देखरेख करना और उसके समग्र उन्नति का ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य पर आगे बढ़ते हुए हमारे कार्मिक विभाग द्वारा पहली बार अंतर मंडलीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिले और इसके सफल आयोजन द्वारा हमारे कर्मचारियों के व्यक्तित्व का एक बिल्कुल अलग एवं सृजनात्मक पक्ष उभर कर सामने आया। इस वर्ष सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से 5377 शिकायतों का निपटान किया गया। कर्मचारियों के कौशल में सुधार के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में 11000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया और उन्हें उन्नत कौशल की जानकारी दी गई। लंबित एमएसीपी मामलों के निपटारे के लिए एक अभियान चलाकर 1030 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ प्रदान किया गया। हमारा चिकित्सा विभाग हमारे कर्मचारियों की सेहत की देखभाल के प्रति संनद्ध है और उन्हें उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। चिकित्सा विभाग द्वारा कार्य स्थलों पर नियमित स्वास्थ्य जाँच शिविरों का आयोजन किया जाता है। विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में लगभग 25000 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जाँच की गई। पिछले छह महीनों के दौरान हमारे 8 स्टेशनों और 3 कार्यालयों को ‘ईट राइट’ का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। उत्तर मध्य रेलवे के खिलाड़ी और सांस्कृतिक टीम के कलाकार अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहे हैं। इस अवसर पर मैं अपनी महिला क्रिकेट टीम को अंतर रेलवे चैंपियनशिप जीतने और हॉकी टीम को पहली बार कांस्य पदक हासिल करने के लिए बधाई देता हूँ। हमारे पहलवान उदित ने जॉर्डन में आयोजित सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त किया, मैं उन्हें भी बधाई देता हूँ। ज़ोन में राजभाषा नीति को लागू करने के लिए हमारा राजभाषा विभाग उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। वर्ष के दौरान हमारे एक अधिकारी को राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेल मंत्री राजभाषा रजत पदक से सम्मानित किया गया है और दो कर्मचारियों ने विभिन्न राजभाषा प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
उत्तर मध्य रेलवे में शांति और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने के लिए मैं अपनी मान्यता प्राप्त यूनियनों, संघों एवं संगठनों को हार्दिक बधाई देता हूँ। महाकुंभ मेला में तीर्थयात्रियों की सहायता तथा गर्मी के महीने में रेल यात्रियों के लिए जल सेवा जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यों में रेल प्रशासन को सदैव ही अपनी निःस्वार्थ सेवा उपलब्ध कराने के लिए मैं स्काउट्स और गाइड्स को बधाई देता हूँ। हमारी गाइड सुश्री सोनाली विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति गाइड पुरस्कार प्राप्त किया है, इसके लिए उन्हें मेरी ओर से हार्दिक बधाई। महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की अनवरत सेवा तथा बहुत से यात्रियों को जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने वाले हमारे सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड को भी मैं बधाई देता हूँ। चैत्र नवरात्र मेला के दौरान अपने प्रशंसनीय सेवा-भाव का परिचय देते हुए उन्होंने 1100 से अधिक तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की।
अपनी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद रेलकर्मियों और उनके परिवार की सहायता में अपना सराहनीय योगदान करने के लिए मैं उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। हाल ही में संगठन द्वारा रेलगाँव कॉलोनी में प्रयाग पेटल्स प्ले स्कूल के रूप में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। मैं उनके इस पहल की सफलता की कामना करता हूँ और इसके लिए भी उन्हें बधाई देता हूँ।
आइए, आज के इस पावन अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे की प्रगति के लिए हम सभी अपने आपको पुनः समर्पित करें, जिससे राष्ट्र निर्माण में भारतीय रेल अपना सतत योगदान दे सके।
इस वर्ष उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय कार्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह को वेबकास्ट के माध्यम से सभी रेलकर्मियों एवं अन्य लोगों तक पहुँचाने के लिए तैयार किया गया था। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय सूबेदारगंज में 09:25 बजे शुरू होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह यू-ट्यूब लिंक www.youtube.com/CPRONCR का उपयोग करते हुए ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा, पदाधिकारी एवं अन्य सदस्य, उत्तर मध्य रेलवे के सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
Source/RSB

