पमरे ने चार माह में 2919 कोचों/वैगनों की मरम्मत की।

पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग का कार्य किया जाता है। दोनों कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक के मार्गदर्शन में अनुरक्षण डिपो में चालू वित्तीय वर्ष के चार माह में कोचों/वैगनों का अनुरक्षण करके अच्छा प्रदर्शन किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के चार माह में सीआरडब्ल्यूएस/भोपाल एवं डब्ल्यूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 2919 कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना भोपाल ने 404 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 2515 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया।

अकेले जुलाई माह की बात करें तो सीआरडब्ल्यूएस/भोपाल एवं डब्ल्यूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 811 कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना भोपाल ने 111 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 700 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया।

पश्चिम मध्य रेल, माल डिब्बा मरम्मत कारखाना कोटा ने माह जुलाई 2025 में 700 वैगनों की मरम्मत कर अपने इतिहास का सर्वाधिक मासिक आउटपुट हासिल किया है, जो कारखाने की स्थापना के बाद से अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन है।

पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) के दौरान निम्न कार्य किये जाते हैं:

  • कोच और वैगन के बॉडी और अंडरगियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
  • एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट्स एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफ़र की मरम्मत की जाती है, जिससे सुरक्षा में बढ़ोतरी एवं जर्क-फ्री राइडिंग का अनुभव होता है।
  • व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।

Source/WCR

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