रेल खंडों के नवीनीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा संरक्षित, सुरक्षित एवं तीव्र गति से संचालन हेतु रेल खंडों के दोहरीकरण, तीसरी लाइन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग तथा नवीनीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। पुराने रेल एवं स्लीपरों को नई रेल और उच्च क्षमता के कंक्रीट स्लीपरों से बदला जा रहा है।

वित्त वर्ष 2024-25 में 197 किमी ट्रैक, 269 किमी रेल, 124 किमी स्लीपर और 187 टर्नआउट का नवीनीकरण पूरा किया गया। 259 किमी प्लेन ट्रैक और 310 टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग, 139 थिक वेब स्विच का प्रावधान, 167 किमी थ्रू फिटिंग का नवीनीकरण तथा पुलों पर 7,966 चैनल स्लीपर को एच-बीम स्लीपर से बदला गया। अत्याधुनिक मशीनों द्वारा ट्रैक मेंटेनेंस से संरक्षा और राइडिंग कम्फर्ट में उल्लेखनीय सुधार हुआ, जिसके फलस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे को "संरक्षा शील्ड" से सम्मानित किया गया।

गत वर्ष 332.359 किमी रेल खंडों की गति बढ़ाई गई, जिसमें छपरा-फेफना, बकुल्हा-बलिया, कुसम्ही-गोरखपुर कैंट, बिसवाँ-सीतापुर, सादात-औंड़िहार, भटनी-पिवकोल, मल्हौर-डालीगंज, छपरा-गौतमस्थान, बुढ़वल-बिसवाँ, छपरा-छपरा कचहरी (तीसरी लाइन), गोंडा कचहरी-करनैलगंज और मैलानी-शाहगढ़ (इकहरी लाइन) शामिल हैं।
साथ ही 123.63 किमी प्रथम लूप टर्नआउट पर गति 30 किमी/घंटा बढ़ाई गई, जिसमें गोंडा यार्ड एल-1, पीलीभीत-शाहगढ़ और बुढ़वल-सीतापुर खंड सम्मिलित हैं।
इन प्रयासों से यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक हुई है।

Source/NER

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