पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों में कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग का कार्य किया जाता है। पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के सतत निगरानी एवं मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेल के दोनों कारखानों में वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए सर्वाधिक कोचों/वैगनों का अनुरक्षण करके बेहतर प्रदर्शन किया गया है।
पश्चिम मध्य रेल ने अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक कुल 8307 कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (आउटटर्न) किया गया, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। रेलवे बोर्ड द्वारा कुल 7968 कोचों/वैगनों का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी तुलना में 4 प्रतिशत अधिक ओवरहॉलिंग किया गया है। जिसमें सीआरडब्लूएस भोपाल कारखाना ने 1369 कोचों का अनुरक्षण किया तथा डब्लूआरएस कोटा कारखाना ने 6938 वैगनों की मरम्मत की है।
पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) के दौरान निम्न कार्य किए जाते हैं :-
- कोच और वैगन के बॉडी और अंडरगियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
- एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट्स एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफ़र की मरम्मत की जाती है, जिससे सुरक्षा में बढ़ोत्तरी एवं झटकों से मुक्त (जर्क-फ्री) राइडिंग का अनुभव होता है।
- व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।
Source/WCR

