● रेल मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के बीच रिन्यूएबल एनर्जी समझौते पर हस्ताक्षर।
● 'नेट जीरो' कॉर्बन का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही भारतीय रेल।
● रेल मंत्री ने कहा- अब रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स से अधिक से अधिक ऊर्जा प्राप्त करना लक्ष्य।
भोपाल में आयोजित ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने रेलवे के विद्युतीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग पर चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समिट से जुड़े रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने रेलवे को 'नेट जीरो' कॉर्बन का लक्ष्य दिया है, जिसे पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 तक भारतीय रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जाएगा। उनका दूसरा उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी से अधिक से अधिक ऊर्जा प्राप्त करना है।
उन्होंने बताया कि रेलवे ने अब तक 1,500 मेगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स से टाईअप कर लिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के साथ 170 मेगावॉट का एक बड़ा MoU PPA पर समझौता हुआ है, जो रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, रेलवे विंड और न्यूक्लियर पावर एनर्जी खरीदने के लिए भी उत्सुक है।
रेल मंत्री ने सभी राज्यों से अपील की कि वे रिन्यूएबल, विंड, हाइड्रो या न्यूक्लियर ऊर्जा परियोजनाओं से जितनी भी ऊर्जा रेलवे को सप्लाई कर सकते हैं, उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय के सहयोग को सराहा, जहां दोनों मिलकर एक समझौते पर पहुंचे और मध्य प्रदेश के जनरेटर और रेलवे ने PPA साइन किया।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश को रेलवे के लिए 14,745 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है। पहले, मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष 29 किमी रेलवे ट्रैक बिछाया जाता था, लेकिन अब यह 230 किमी तक पहुंच चुका है, जो 7.5 गुना वृद्धि है।
Source/RSB

