उत्तर पश्चिम रेलवे पर हरित ऊर्जा और विद्युतीकरण को मिल रही नई गति

100% विद्युतीकरण होने से रेल संचालन में दक्षता, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा हरित ऊर्जा, विद्युतीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे की ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप अगस्त माह में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा विद्युतीकरण, सौर ऊर्जा, नेट जीरो स्टेशन तथा ऊर्जा दक्षता से जुड़े कार्यों को बढावा दिया जा रहा है। 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ उत्तर पश्चिम रेलवे ने न केवल परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान की है।

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा  अगस्त माह 173.8 kWp क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल कमीशन किए गए तथा इस माह सोलर प्लांट्स द्वारा 15.68 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है तथा रेलवे परिसरों में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसी प्रकार इस माह जयपुर मंडल के खातीपुरा स्टेशन पर 4 लिफ्ट कमीशन की गई हैं। इससे यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद यात्रियों को स्टेशन पर आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी।

यात्री रेल सेवाओं में भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन का तेजी से विस्तार हुआ है अगस्त माह तक उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों में कुल 302 जोड़ी यात्री ट्रेनों में से 243 जोड़ी ट्रेनें (लगभग 80.46 प्रतिशत) इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं तथा कुल माल ढुलाई का 61.6 प्रतिशत इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के माध्यम से किया जा रहा है।

इन उपलब्धियों से ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि तथा रेलवे संचालन की ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे का यह प्रयास भारतीय रेल के हरित एवं आत्मनिर्भर रेल प्रणाली के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।

Source – NWR & RSB

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