श्री डिम्पी गर्ग ने पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक का पदभार संभाला

श्री डिम्पी गर्ग ने 1 सितंबर 2026 को पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व वे उत्तर रेलवे, नई दिल्ली में प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता के पद पर कार्यरत थे।

भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग सेवा के 1990 बैच के अधिकारी श्री गर्ग स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसशिप के माध्यम से भारतीय रेल सेवा में आए और अपने बैच के टॉपर एवं गोल्ड मेडलिस्ट रहे। 32 वर्षों से अधिक के अनुभव के दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे, रोलिंग स्टॉक, परिचालन, संरक्षा, प्लानिंग और नीति निर्माण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

उन्होंने पश्चिम रेलवे के आबू रोड में एएमई/डीजल के रूप में रेल सेवा शुरू की। इसके बाद उत्तर रेलवे, रेलवे बोर्ड और आरवीएनएल में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर, अपर मंडल रेल प्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता, अपर महाप्रबंधक तथा कार्यकारी निदेशक/कोचिंग और कार्यकारी निदेशक/संरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।

परियोजना निष्पादन और रेलवे इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें विभिन्न पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2001 में सीडीओ/मुंबई सेंट्रल के रूप में मुंबई सेंट्रल कोचिंग डिपो के उन्नयन और उसे आईएसओ 9002 प्रमाणन प्राप्त करने वाला भारतीय रेलवे का पहला कोचिंग डिपो बनाने में योगदान के लिए उन्हें जीएम अवार्ड मिला। वर्ष 2007 में रेलवे बोर्ड में डायरेक्टर प्लानिंग (एमई) के रूप में रोलिंग स्टॉक की जरूरतों के आकलन और वार्षिक योजना तैयार करने में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें रेल मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया।

श्री गर्ग ने ईरमी, जमालपुर से यांत्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है तथा इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, कोलकाता और इंजीनियरिंग काउंसिल, लंदन से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने जर्मनी और स्विट्जरलैंड में एलएचबी कोच मेंटेनेंस, स्वीडन में व्हील-रेल इंटरेक्शन तथा आईआईएम अहमदाबाद एवं विश्व बैंक में इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस से संबंधित प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रमों में भी भाग लिया है।

उनके मैकेनिकल इंजीनियरिंग, परिचालन और रेलवे प्रशासन के व्यापक अनुभव तथा कुशल नेतृत्व से पूर्व मध्य रेल की परिचालनिक दक्षता, संरक्षा मानकों और आधारभूत संरचनाओं के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई गति आने की उम्मीद है।

Source – ECR & RSB

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