रेल सुरक्षा में बड़ा सुधार, गंभीर हादसे घटकर दो; सुरक्षा पर खर्च ₹1.20 लाख करोड़ के पार

भारतीय रेलवे ने आधुनिक तकनीक, बेहतर रखरखाव और सुरक्षा संबंधी उपायों के जरिए रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2014-15 में जहां गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर केवल दो रह गया है।

रेल मंत्री ने कहा कि सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। उनके अनुसार, वर्ष 2013-14 में सुरक्षा संबंधी कार्यों पर लगभग 39 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि वर्ष 2026-27 में यह राशि बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

लोको पायलटों की सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से रेलवे ने सभी लोकोमोटिव में विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस (Vigilance Control Device) स्थापित किए हैं। यह प्रणाली संचालन के दौरान लोको पायलट की सक्रियता पर नजर रखने में मदद करती है।

रेल मंत्री ने बताया कि स्वदेशी तकनीक पर आधारित 'कवच 4.0' प्रणाली का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक इसे लगभग 2,500 किलोमीटर रेल मार्ग पर सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है। इसमें देश के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोर माने जाने वाले दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा मार्ग भी शामिल हैं।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग, बुनियादी ढांचे के बेहतर रखरखाव और सुरक्षा उपायों के लगातार विस्तार के कारण भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

Source - RSB

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