भारतीय रेल यातायात सेवा अधिकारी प्रशिक्षुओं ने ओसीसी-प्रयागराज में क्षेत्रीय ज्ञान बढ़ाया: भारतीय रेल के भविष्य के उत्कृष्ट संचालन की ओर एक कदम।

27 मार्च 2026 को भारतीय रेल ट्रैफिक सेवा (IRTS) प्रशिक्षु अधिकारियों ने लखनऊ के भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITIM) के व्यापक प्रशिक्षण मॉड्यूल के तहत प्रयागराज ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (OCC-PRYJ) का दौरा किया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय रेल के भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को जरूरी क्षेत्रीय जानकारी, परिचालन विशेषज्ञता और Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited (DFCCIL) द्वारा अपनाई जाने वाली व्यावसायिक प्रथाओं की समझ प्रदान करना था।

प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देशित इंटरएक्टिव चर्चाओं की श्रृंखला आयोजित की गई, जिनमें शामिल थे:

  • श्री मन्नू प्रकाश दूबे (महाप्रबंधक - परिचालन और व्यवसाय विकास, EDFC)
  • श्री अकांशु गोविल (वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक - समन्वय, प्रयागराज, एनसीआर)
  • श्री मयंक राणा (वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक - गुड्स, प्रयागराज, एनसीआर)
  • श्री वैभव त्रिवेदी (DOM - गुड्स, PRYJ, NCR)
  • श्री अंकित अग्रवाल (DCM, PRYJ, NCR)

मुख्य बिंदु और चर्चाएँ:

  • ट्रेन संचालन की जटिलताएँ: प्रशिक्षुओं को ट्रेन संचालन की बारीकियों, इंटरचेंज प्रोटोकॉल और DFCCIL के समग्र ढांचे के बारे में विस्तार से समझाया गया। श्री मन्नू प्रकाश दूबे ने रेलवे संचालन को निर्बाध बनाए रखने में ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (OCC) की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
  • EDFC का प्रभाव: प्रशिक्षुओं को ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के संचालन से अवगत कराया गया, जिसने माल परिवहन की कार्यकुशलता में क्रांतिकारी बदलाव किया है। अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से न केवल डिलीवरी समय में सुधार हुआ है, बल्कि रसद (logistics) लागत में भी कमी आई है।
  • उन्नत विद्युत प्रणालियाँ: श्री शशिकांत द्विवेदी (प्रधान महाप्रबंधक - इलेक्ट्रिकल, PRYJ) ने बताया कि उन्नत विद्युत प्रणालियों के एकीकरण से भारतीय रेल एक हरित और अधिक कुशल भविष्य की ओर अग्रसर है।
  • जनसंपर्क का महत्व: उत्तर मध्य रेल (NCR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि कांत त्रिपाठी ने रेल संचालन में प्रभावी संचार और हितधारकों के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
  • व्यावहारिक अनुभव: प्रशिक्षणार्थियों ने दिन-प्रतिदिन के संचालन से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों में भाग लिया। यातायात के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यह अनुभव भावी अधिकारियों को वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ तैयार करता है।

यह दौरा प्रशिक्षुओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा, जिससे न केवल उनकी रेलवे संचालन की समझ गहरी हुई, बल्कि उन्हें उद्योग में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा भी मिली। भारतीय रेल का यह रणनीतिक दृष्टिकोण भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक कुशल और संवेदनशील कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Source/RSB

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