अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1337 स्टेशन चिह्नित, यूपी में 157 स्टेशन शामिल

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा को सूचित किया कि भारतीय रेल में, स्टेशनों को 3 समूहों में विभाजित किया गया है अर्थात अनुपनगरीय, उपनगरीय और हॉल्ट स्टेशन। इसके अलावा, इन समूहों को यात्रियों से आमदनी और/अथवा स्टेशन पर संभाले जाने वाले जावक यात्रियों के आधार पर विभिन्न ग्रेडों में रखा गया है, जैसे कि अनुपनगरीय ग्रेड (एनएसजी) 1-6, उपनगरीय ग्रेड (एसजी) 1-3 और हॉल्ट ग्रेड (एचजी) 1-3।

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि   कांठ स्टेशन एक अनुपनगरीय ग्रेड (एनएसजी)-6 कोटि का स्टेशन है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 1000 यात्री आते-जाते हैं। न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं (एमईए) के नियमों के अनुसार, एनएसजी-6 कोटि के स्टेशन पर 15 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र होना चाहिए। बहरहाल, वर्तमान में इस सुविधा के तहत 167 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र उपलब्ध है, जो न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं के निर्धारित मानदंडों से अधिक है। इसके अलावा, स्टेशन के परिचलन क्षेत्र में वाहन पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध है। इस स्टेशन पर प्लेटफार्म शेल्टर, पीने के पानी के नल, वॉटर कूलर, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, ऊपरी पैदल पुल, ऊँची सतह के प्लेटफार्म आदि जैसी पर्याप्त यात्री सुविधाएँ उपलब्ध हैं।बहरहाल, रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का संवर्धन/उन्नयन और सुधार एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल में स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1337 स्टेशन चिह्नित, यूपी में 157 स्टेशन शामिल विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इस संबंध में कार्यों को पारस्परिक प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन आवश्यकतानुसार किया जाता है। स्टेशनों के विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण के लिए कार्यों की स्वीकृति और निष्पादन के समय निचली श्रेणी के स्टेशनों की तुलना में उच्च श्रेणी के स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाती है।  

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है। 

 इस योजना में स्टेशनों को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और चरणबद्ध तरीके से उनका क्रियान्वयन करना शामिल है। मास्टर प्लान में निम्नलिखित शामिल हैं: 

  • स्टेशन तक पहुँच और परिचलन क्षेत्रों में सुधार
  • शहर के दोनों ओर स्टेशन का एकीकरण
  • स्टेशन भवन में सुधार
  • प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और पेयजल-बूथों में सुधार
  • यात्री यातायात के अनुरूप चौड़े पैदल पार पुल/एयर कॉन्कोर्स का प्रावधान
  • लिफ्ट/एस्केलेटर/रैंप का प्रावधान
  • प्लेटफ़ॉर्म की सतह में सुधार/प्रावधान और प्लेटफ़ॉर्म को ऊपर से कवर करना
  • 'एक स्टेशन एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क का प्रावधान
  • पार्किंग क्षेत्र, मल्टीमोडाल एकीकरण
  • दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएँ
  • बेहतर यात्री सूचना प्रणाली
  • प्रत्येक स्टेशन पर आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एग्जीक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिए निर्दिष्ट स्थान, लैंडस्केपिंग आदि का प्रावधान

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि इस योजना में आवश्यकतानुसार, चरणबद्ध एवं व्यवहार्य रूप से पर्यावरण अनुकूल समाधान, गिट्टी रहित पटरियों की व्यवस्था आदि और दीर्घावधि में स्टेशन पर सिटी सेन्टरों के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है। 

 केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अभी तक, इस योजना के अंतर्गत विकसित करने हेतु 1337 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें मुरादाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र का मुरादाबाद जंक्शन स्टेशन उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। उत्तर प्रदेश राज्य में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास हेतु चिह्नित किए गए स्टेशनों के नाम निम्नानुसार हैं:-

राज्य

स्टेशनों की संख्या

स्टेशनों के नाम

उत्तर प्रदेश

157

अछनेरा, आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, ऐशबाग, अकबरपुर जंक्शन, अलीगढ़, अमेठी, अमरोहा, आनंद नगर जंक्शन, आंवला, अयोध्या धाम जंक्शन, आजमगढ़, बाबतपुर, बछरावां, बदायूं, बादशाहनगर, बादशाहपुर, बहेरी, बहराइच, बालामाऊ जंक्शन, बलिया, बलरामपुर, बनारस, बांदा, बाराबंकी जंक्शन, बरेली, बरेली सिटी, बरहनी, बस्ती, बेल्थरा रोड, भदोही, भरतकुंड, भटनी, भूतेश्वर, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली मझवार, चंदौसी, चिलबिला, चित्रकूट धाम कार्वी, चोपन, चुनार जं., डालीगंज, दर्शन नगर, देवरिया सदर, धामपुर, दिलदारनगर, इटावा जं., फर्रुखाबाद, फतेहाबाद, फतेहपुर, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गजरौला, गढ़मुक्तेश्वर, गौरीगंज, घाटमपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर सिटी, गोला गोकर्णनाथ, गोमतीनगर, गोंडा, गोरखपुर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, गुरसहायगंज, हैदरगढ़, हापुड़, हरदोई, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जं., इज्जतनगर, जंघई जंक्शन, जौनपुर सिटी, जौनपुर जंक्शन, कन्नौज, कानपुर अनवरगंज, कानपुर ब्रिज लेफ्ट बैंक, कानपुर सेंट्रल, कप्तानगंज, कासगंज, काशी, खलीलाबाद, खोरासन रोड, खुर्जा, कोसी कलां, कुंडा हरनामगंज, लखीमपुर, लालगंज, ललितपुर, लंभुआ, लोहता, लखनऊ (चारबाग) उ.रे., लखनऊ सिटी, लखनऊ जं. (पूर्वो.रे.), मां बेल्हा देवी प्रतापगढ़ जं., मगहर, महाराजा बिजली पासी, महोबा जं., मैलानी जं., मैनपुरी जं., मल्हौर जंक्शन, मानकनगर जंक्शन, मानिकपुर जं., मरिआहू, मथुरा जं., मऊ जं., मेरठ सिटी जं., मिर्जापुर, मोदी नगर, मोहनलालगंज, मुरादाबाद जं., मुजफ्फरनगर, नगीना, नजीबाबाद जं., उरई, पनकी धाम, फाफामऊ जंक्शन, फूलपुर, पीलीभीत जं., पोखरायां, प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज जं., पंडित दीनदयाल उपाध्याय जं., रायबरेली जं., राजा की मंडी, रामघाट हॉल्ट, रामपुर, रेनूकूट, सहारनपुर जंक्शन, सलेमपुर, सेवहरा, शाहगंज जंक्शन, शाहजहाँपुर, शामली, शिकोहाबाद, शिवपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर जं., सोनभद्र, श्रीकृष्ण नगर, सुल्तानपुर जंक्शन, सुरेमनपुर, स्वामीनारायण छप्पिया, टकिया, तुलसीपुर, टूंडला जं., उझानी, ऊंचाहार, उन्नाव जंक्शन, उतरेतिया जंक्शन, वाराणसी कैंट, वाराणसी सिटी, विंध्याचल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, व्यासनगर, जाफराबाद

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य तेज गति से किए गए हैं। इस योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश में 23 स्टेशनों (अयोध्या धाम जंक्शन, बलरामपुर, बरेली सिटी, बिजनौर, फतेहाबाद, फतेहपुर, गोला गोकर्णनाथ, गोमतीनगर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जंक्शन, इज्जतनगर, खलीलाबाद, मैलानी जंक्शन, पनकी धाम, पोखरायण, रामघाट हॉल्ट, सहारनपुर जंक्शन, सिद्धार्थ नगर, सुरायमनपुर, स्वामीनारायण छप्पिया और उझानी) के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। अन्य स्टेशनों पर भी कार्य तेज गति से शुरू किए गए हैं और उपर्युक्त स्टेशनों में से कुछ स्टेशनों पर कार्यों की प्रगति नीचे दी गई है:

  • विंध्याचल स्टेशन पर, नए स्टेशन भवन के साथ चौड़ा बरामदा, बेहतर परिचलन और पार्किंग क्षेत्र, 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पार पुल का कार्य पूरा कर लिया गया है। फर्नीचर, संकेतकों और दिव्यांगजनों हेतु सुविधाओं के कार्य शुरू किए गए हैं।
  • चुनार स्टेशन पर, नए स्टेशन भवन, नए प्लेटफार्म शेल्टर, विस्तारित परिचलन और पार्किंग क्षेत्र, बेहतर शौचालय सुविधाएं, लैंडस्केपिंग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। फर्नीचर, संकेतकों और दिव्यांगजनों हेतु सुविधाओं के कार्य शुरू किए गए हैं।
  • गुरसहायगंज स्टेशन पर, स्टेशन भवन में सुधार, परिचलन और पार्किंग क्षेत्र, प्लेटफार्म शेल्टर, प्लेटफार्म की ऊँचाई और सतह संबंधी सुधार कार्य, आधुनिक शौचालय ब्लॉक, 3 मीटर चौड़ा नया ऊपरी पैदल पार पुल, बेहतर फर्नीचर संबंधी कार्य पूरे किए गए हैं और दिव्यांगजनों हेतु सुविधाओं के कार्य शुरू किए गए हैं।
  • लखनऊ स्टेशन पर, दूसरे प्रवेश द्वार के स्टेशन भवन का संरचनात्मक कार्य, स्टोर डिपो का कार्य पूरा किया जा चुका है। दूसरे प्रवेश द्वार के स्टेशन भवन, रूफ प्लाजा, ऊपरी पैदल पार पुल, दूसरे प्रवेश द्वार के परिचलन क्षेत्र पर फिनिशिंग कार्य, मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बाह्य विकास कार्य और प्लेटफॉर्म संख्या 10/11 पर कार्य शुरू किए गए हैं।
  • प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर, दूसरे प्रवेश द्वार की ओर स्टेशन भवन, रेल मेल सेवा और आगमन भवन, पार्सल और आगमन भवन, दूसरे प्रवेश द्वार की ओर बेसमेंट प्लाजा, ऊपरी पैदल पार पुल संख्या 2 का विस्तार और विद्युत सबस्टेशन का संरचनात्मक कार्य पूरा किया जा चुका है। स्टेशन भवन, आगमन भवन, बेसमेंट प्लाजा का फिनिशिंग कार्य शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे स्टेशनों का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण जटिल प्रकृति के कार्य हैं, जिसमें यात्रियों और गाड़ियों की संरक्षा शामिल है और इसके लिए विभिन्न सांविधिक स्वीकृतियाँ आवश्यक होती हैं जैसे कि दमकल क्लीयरेंस, धरोहर, पेड़ों की कटाई, विमानपत्तन संबंधी अनुमोदन आदि। इन कार्यों की प्रगति पर ब्राउनफील्ड से संबंधित चुनौतियों का भी प्रभाव पड़ता है, जैसे कि जनोपयोगी सुविधाओं का स्थानांतरण (जिसमें पानी/सीवेज की लाइनें, ऑप्टिकल फाइबर केबल, गैस पाइपलाइन, पावर/सिगनल केबल आदि शामिल हैं), अतिलंघनकारी, यात्रियों के आवागमन में बाधा डाले बिना गाड़ियों का संचालन, रेलपथ और उच्च वोल्टेज बिजली की लाइन के निकट किए जा रहे कार्यों के कारण गति प्रतिबंध आदि और ये कारक परियोजना के समापन समय को प्रभावित करते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना सहित स्टेशनों का विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण सामान्यतः योजना शीर्ष-53 'ग्राहक सुविधाएं' के अंतर्गत वित्तपोषित किया जाता है। निधि आबंटन और व्यय का ब्यौरा योजना शीर्ष-53 के अन्तर्गत क्षेत्रीय रेलवे-वार रखा जाता है, न कि कार्य-वार या स्टेशन-वार या राज्य-वार। उत्तर प्रदेश राज्य पांच क्षेत्रीय रेलों अर्थात् पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है। चालू वर्ष 2025-26 के लिए 3,794 करोड़ रुपए का संशोधित अनुमान आवंटित किया गया है जबकि 3,035 करोड़ रुपए का व्यय (दिसंबर 2025 तक) उपगत किया जा चुका है।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

Source/PIB

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