उत्तर प्रदेश में 15,210 करोड़ की लागत से 772 आरओबी-आरयूबी विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन: रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा को सूचित किया कि भारतीय रेल में ऊपरी/निचले सड़क पुलों के निर्माण कार्यों की स्वीकृति और निष्पादन एक सतत् और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। ऐसे निर्माण कार्यों की प्राथमिकता का निर्धारण और शुरुआत गाड़ी परिचालन में संरक्षा और गतिशीलता पर उनके प्रभाव तथा सड़क उपयोगकर्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर किया जाता है।

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि 2004-14 की तुलना में 2014-25 (दिसंबर, 2025 तक) की अवधि के दौरान भारतीय रेल पर निर्मित ऊपरी/निचले सड़क पुलों की संख्या निम्नानुसार है:

अवधि 

निर्मित ऊपरी/निचले सड़क पुल

2004-14

4,148 अदद

2014-25 (दिसंबर, 2025 तक)

13,882 अदद

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 01.01.2026 की स्थिति के अनुसार, भारतीय रेल में कुल 1,14,298 करोड़ रुपए की लागत पर 4769 अदद ऊपरी/निचले सड़क पुल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से उत्तर प्रदेश राज्य में 15,210 करोड़ रुपए की लागत से 772 अदद ऊपरी/निचले सड़क पुल शामिल हैं, जो योजना और निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि झाँसी-मानिकपुर खंड पर कि.मी. 1131/01-02 पर समपार संख्या 369 के स्थान पर 04-लेन ऊपरी सड़क पुल का निर्माण कार्य राज्य सरकार के साथ लागत साझेदारी के आधार पर स्वीकृत किया गया था। सामान्य आरेखण व्यवस्था (जीएडी) को अनुमोदित कर दिया गया है। बहरहाल बाद में, राज्य सरकार ने रेलवे से अनुरोध किया कि इस कार्य को रेलवे की लागत पर किया जाए। तदनुसार, पुनरीक्षित अनुमान तैयार करने का कार्य शुरू किया गया है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी ऊपरी/निचले सड़क पुल के कार्य को पूरा करना, पहुंच मार्ग का संरेखण निर्धारित करने, सामान्य आरेखण व्यवस्था (जीएडी) के अनुमोदन, भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने, अतिलंघनकारी जनोपयोगी सेवाओं के स्थानांतरण, विभिन्न प्राधिकरणों से सांविधिक स्वीकृतियां, परियोजना/कार्य स्थलों के क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति, जलवायु संबंधी परिस्थितियों आदि के कारण परियोजना विशिष्ट/कार्य स्थल के लिए वर्ष में कार्य करने के महीनों की संख्या आदि जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। ये सभी कारक परियोजनाओं/निर्माण कार्य के पूरा होने के समय को प्रभावित करते हैं। 

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

Source/PIB

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