महाप्रबंधक द्वारा राजस्व बढ़ाने के निर्देशों और वाणिज्य/परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से नवम्बर तक रुपये 5675 करोड़ 36 लाख का कुल प्रारम्भिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (रुपये 5268 करोड़ 79 लाख) की तुलना में 7.72 प्रतिशत अधिक है। ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू के मदवार आय पर नजर डालें तो यात्री यातायात से रुपये 1704 करोड़ 13 लाख, माल यातायात से रुपये 3693 करोड़ 94 लाख, अन्य कोचिंग मद में रुपये 122 करोड़ 11 लाख एवं विविध आय यानी संड्री से रुपये 155 करोड़ 18 लाख का रेलवे राजस्व प्राप्त किया है।
चालू वित्तीय वर्ष के आठ माह में मण्डलवार बात करें तो जबलपुर मण्डल ने रुपये 3382 करोड़ 84 लाख, भोपाल मण्डल ने 1237 करोड़ 05 लाख एवं कोटा मण्डल ने रुपये 1055 करोड़ 47 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है।
यात्री यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
- पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित कर चलाया जा रहा है।
- यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लीयर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं।
- पश्चिम मध्य रेल में मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बढ़ाई जा रही है।
माल यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानी चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
अन्य कोचिंग एवं विविध आय यानी संड्री रेवेन्यू के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नवीन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) नीति के तहत नई-नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
पश्चिम मध्य रेल द्वारा ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू की उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है और आगे भी जारी रखेगा।
Source/WCR

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