डीएफसीसीआईएल के प्रयागराज यूनिट में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान 2025 का शुभारंभ, स्वच्छता और स्वास्थ्य पहलों को बढ़ावा।

'स्वच्छता ही सेवा' (SHS) अभियान 2025 का शुभारंभ प्रयागराज इकाई में 19 सितंबर को हुआ, जो देशभर में स्वच्छता-संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देने के निरंतर राष्ट्रीय प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान की शुरुआत डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के प्रयागराज इकाई अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लिए गए स्वच्छता संकल्प के साथ हुई, जिसने रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों, ओसीसी प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई प्रभावशाली गतिविधियों की राह तैयार की।

'स्वच्छता ही सेवा' अभियान, जो रेल बोर्ड के चेयरमैन व मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा संचालित पहल है, केवल स्वच्छता पर ही नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता के महत्व पर भी जोर देता है। इस पहल के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, इनडोर खेल और वृक्षारोपण अभियानों सहित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय संरक्षण की भावना को बढ़ाना है।

श्री ए. बी. सरन, सीजीएम प्रयागराज ने कहा, “'स्वच्छता ही सेवा' केवल एक अभियान नहीं है, यह एक आंदोलन है जो हमें एक साझा लक्ष्य—एक स्वच्छ, स्वस्थ भारत—की ओर जोड़ता है। इस अभियान के माध्यम से हम अपने परिवेश के प्रति गर्व की भावना उत्पन्न करने और सभी को सक्रिय रूप से स्वच्छता बनाए रखने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने की कामना रखते हैं।”

26 सितंबर को वरिष्ठ डिवीजनल मेडिकल ऑफिसर (Sr. DMO) प्रयागराज के सहयोग से DFCCIL स्टाफ के लिए स्वास्थ्य जाँच कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। यह पहल स्वच्छता और स्वास्थ्य के बीच के संबंध पर प्रकाश डालती है और यह संदेश मजबूत करती है कि अच्छी सेहत के लिए स्वच्छता अनिवार्य है।

SHS अभियान में DFC रेलवे स्टेशनों और कॉलोनियों की स्वच्छता व रखरखाव पर केंद्रित कार्यशालाएँ भी शामिल थीं, जिन्होंने DFC समुदाय और स्थानीय निवासियों दोनों की अच्छी भागीदारी को आकर्षित किया। ये कार्यशालाएँ सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने और प्रभावी कचरा प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई थीं। इसके अतिरिक्त, नागरिकों में जागरूकता और भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए नुक्कड़ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

इनडोर कार्यशालाओं के अलावा, स्थानीय समुदाय को शामिल करने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में सड़क नाटकों का आयोजन और वॉकाथॉन शामिल था, जिसका उद्देश्य कचरा फेंकने के पर्यावरणीय प्रभाव और उचित स्वच्छता प्रथाओं के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। स्थानीय निवासियों ने इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समुदाय की एकजुटता और इस उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता झलकी।

'श्रमदान' में भाग लेने वाले लोगों ने रेलवे परिसरों और आसपास के इलाकों की सफाई में अपना समय और प्रयास दिया, जो सामूहिक जिम्मेदारी के अभियान के सिद्धांत को दर्शाता है। DFCCIL के अधिकारी, उनके परिवार और स्वयंसेवक कचरा उठाते, पेड़ लगाते और दूसरों के लिए मिसाल कायम करते देखे गए।

'स्वच्छता ही सेवा' अभियान यह याद दिलाता है कि अपने आसपास की सफाई बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समुदाय के सदस्यों में स्वामित्व की भावना को बढ़ावा देता है और सरकार के सतत विकास व सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक लक्ष्यों के साथ भी मेल खाता है।

जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, अधिकारी इसके दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर आशावादी हैं। DFCCIL टीम स्थानीय प्राधिकरणों और निवासियों के साथ मिलकर अभियान की समय-सीमा से परे भी अपने प्रयास जारी रखने की उम्मीद रखती है, ताकि 'स्वच्छता ही सेवा' की भावना जीवन का हिस्सा बन सके।

Source/RSB

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