उत्तर मध्य रेलवे के रेल स्प्रिंग कारख़ाना को मिली रेलमंत्री राजभाषा शील्ड
महाप्रबंधक श्री उपेन्द्र चंद्र जोशी के संरक्षण एवं कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री सतेन्द्र कुमार के प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर मध्य रेलवे राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के क्षेत्र में नित नई उपलब्धियाँ हासिल कर रही है। सम्पूर्ण भारतीय रेल में राजभाषा हिंदी के सर्वोत्कृष्ट प्रयोग-प्रसार के लिए रेलस्प्रिंग कारख़ाना, उत्तर मध्य रेलवे, सिथौली को प्रथम पुरस्कार स्वरूप रेल मंत्री राजभाषा शील्ड तथा रु. 14,000/- के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उत्तर मध्य रेलवे में कार्यरत श्री मुदित चंद्रा, मुख्य कार्मिक अधिकारी/प्रशासन तथा श्री राजेश कुमार, मुख्य परिवहन योजना प्रबंधक को सरकार की राजभाषा नीति के सुचारु कार्यान्वयन सुनिश्चित करने तथा सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी का उत्कृष्ट और अनुकरणीय प्रयोग करने के लिए रेल मंत्री राजभाषा रजत पदक से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि रेल मंत्री राजभाषा रजत पदक-2022 से सम्मानित श्री चंद्र उस समय अपर मंडल रेल प्रबंधक, आगरा में कार्यरत थे। ये सिविल सेवा परीक्षा 1998 बैच के आई.आर.पी.एस. अधिकारी हैं और इससे पूर्व उप महाप्रबंधक/उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी/प्रयागराज, आगरा एवं झांसी के पद पर हिंदी में योगदान दिया है। श्री चंद्रा प्रयागराज के मूल निवासी हैं और इन्होंने अपनी शिक्षा-दीक्षा प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज एवं उसके उपरांत एम.एन.आई.टी. से पूरी की है। श्री राजेश कुमार, मुख्य यातायात योजना प्रबंधक जो मूलत: बांदा के निवासी हैं, उस समय IRCTC में पोस्ट- समूह महाप्रबंधक/पर्यटन एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी थे। उस दौरान उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में राजभाषा हिंदी का प्रयोग बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान किया है और अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में काम करने की प्रेरणा देने के साथ ही साथ स्वयं भी हिंदी में अच्छा कार्य किया है। उत्तर मध्य रेलवे को ये पुरस्कार रेल मंत्रालय में आयोजित राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड, श्री सतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
Source/RSB

