सुरक्षा के लिए सशक्तीकरण - रेलवे में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रतिमानों की एक परिवर्तनकारी यात्रा।

भारतीय रेलवे, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर परिवर्तनकारी प्रयास कर रहा है। महिलाओं के लिए सुरक्षित गतिशीलता का तात्पर्य न केवल उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाना है, बल्कि यह उनके सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत सशक्तिकरण के अवसर भी प्रदान करता है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं।

  1. ऑपरेशन मेरी सहेली
    • 2020 में शुरू हुआ यह पहल विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए है।
    • RPF की 230 टीमें महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, यात्रा के दौरान लगातार संपर्क में रहती हैं।
  2. महिला सुरक्षा दल
    • शक्ति और दुर्गा वाहिनी टीमें विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई हैं। ये टीमें प्लेटफार्मों और ट्रेनों में गश्त करती हैं।
  3. ऑपरेशन AAHT (मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई)
    • मानव तस्करी पर कड़ी नजर रखते हुए, 2023 में RPF ने 3,973 लड़कियों को बचाया और कई तस्करी नेटवर्कों को नष्ट किया।
  4. प्रौद्योगिकी-संचालित सुरक्षा
    • भविष्य में RPF, एआई-संचालित निगरानी, लाइव ट्रैकिंग और मोबाइल सुरक्षा एप्लिकेशन के जरिए महिला सुरक्षा को और भी मजबूत बनाने का प्रयास करेगा।

निष्कर्ष:
इन पहलों के माध्यम से भारतीय रेलवे महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जो न केवल महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करता है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है।

Source/NCR

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