181 किमी का इन्फ्रास्ट्रक्चर कमीशनिंग कर आधारभूत संरचनाओं का विकास एवं योजनाबद्ध तरीके से किया नेटवर्क का विस्तार
पश्चिम मध्य रेल ने कैलेंडर वर्ष 2024 के दौरान ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू, माल ढुलाई, इन्फ्रास्ट्रक्चर कमीशनिंग, नई लाइनें बिछाने/दोहरीकरण/तिहरीकरण, स्क्रैप बिक्री और इसके साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी के एकीकरण सहित विभिन्न श्रेणियों में शानदार उपलब्धियां हासिल कीं। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2024 के दौरान पश्चिम मध्य रेल की लगभग 4870 करोड़ लागत की 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इसके साथ ही लोकल उत्पाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "वन स्टेशन वन प्रोडक्ट स्टॉल" एवं स्टेशनों पर सस्ती एवं जनरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र" संचालित किए जा रहे हैं।
वर्ष 2024 के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा संपूर्ण भारतीय रेलवे पर किए गए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु प्राप्त पुरस्कारों में लेखा एवं वित्त प्रबंधन और कार्मिक प्रबंधन शील्ड पश्चिम मध्य रेल को प्रदान की गई है। रेलवे बोर्ड स्तर की दक्षता शील्ड माननीय रेल मंत्री जी द्वारा पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय को प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त पश्चिम मध्य रेल के एक अधिकारी एवं एक कर्मचारी को भी व्यक्तिगत रूप से अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।
कैलेंडर वर्ष 2024 में पमरे की प्रमुख उपलब्धियां नीचे दी गई हैं:
- ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू एवं माल ढुलाई: पमरे ने वर्ष 2023 के 54 मिलियन टन की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान 55 मिलियन टन की माल ढुलाई की है, और इस प्रकार माल ढुलाई में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2024 के दौरान 8241 करोड़ 22 लाख रुपये का ऑरिजिनेटिंग राजस्व हासिल किया है, व्यवसाय विकास इकाइयों के ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण एवं कार्यकलापों के साथ-साथ अत्यंत प्रभावकारी नीति निर्माण से पमरे को यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने में काफी मदद मिली है।
- नॉन फेयर रेवेन्यू (संड्री आप): पमरे ने संड्री आय के तहत वर्ष 2023 के 172 करोड़ 16 लाख रुपये की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान 249 करोड़ 21 लाख रुपये का नॉन फेयर रेवेन्यू हासिल किया है, जो लगभग 45 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि है।
- पीओएच (पीरियॉडिक ओवर हॉलिंग): पमरे द्वारा कोचों और वैगनों का रूटीन ओवर हॉलिंग करके अधिक से अधिक पीओएच (पीरियॉडिक ओवर हॉलिंग) आउटटर्न किया गया। सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना (सीआरडब्लूएस) भोपाल द्वारा वर्ष 2023 में 1368 कोचों की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान 1408 कोचों का अनुरक्षण कर आउटटर्न किया गया। इसी प्रकार वर्कशॉप (डब्लूआरएस) कोटा कारखाना द्वारा वर्ष 2023 में 6694 वैगनों की तुलना में वर्ष 2024 के दौरान 6874 वैगनों की मरम्मत करके आउटटर्न किया गया।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर कमीशनिंग (नई लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण): वर्ष 2024 के दौरान कुल 181 किलोमीटर का नवनिर्मित ट्रैक कमीशन किया गया है, जिनमें कि 63 किमी नई रेल लाइन कार्य, 61 किमी दोहरीकरण एवं 57 किमी तिहरीकरण के कार्य शामिल हैं।
- फुट ओवर ब्रिज (एफओबी): यात्रियों/पैदल यात्रियों को आवागमन में सहूलियत हेतु स्टेशनों पर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए वर्ष 2024 के दौरान 33 एफओबी का निर्माण किया गया।
- रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज (आरओबी/आरयूबी): सड़कों पर बनी पटरियों को पार करने में जनता की सहूलियत के लिए वर्ष 2024 के दौरान 16 रोड ओवर ब्रिज एवं 44 रोड अंडर ब्रिज सीमित ऊंचाई सबवे (एल.एच.एस.) का निर्माण कराया गया।
- समपार फाटक हटाए गए: समपार फाटकों (लेवल क्रॉसिंग/एलसी गेट) पर लोगों की सुरक्षा चिंता का प्रमुख विषय रहा है। वर्ष 2024 के दौरान 24 समपार फाटकों को हटाया गया।
- लिफ्ट/एस्केलेटर: 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत रेल प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों, वृद्धों और बच्चों की आवाजाही को सुगम्य बनाने के लिए पमरे में रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2024 के दौरान 05 लिफ्ट और 08 एस्केलेटर लगाए गए।
- ट्रैक रिन्यूअल: पमरे में ट्रैक की क्षमता को बढ़ाने के लिए एवं सुरक्षा में वृद्धि करने के उद्देश्य से वर्ष 2024 के दौरान 450 किलोमीटर से अधिक ट्रैक का रिन्यूअल कार्य किया गया।
- स्क्रैप बिक्री: पमरे स्क्रैप सामग्री जुटाकर और ई-नीलामी के माध्यम से इसकी बिक्री करके संसाधनों का इष्टतम उपयोग करने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। पमरे द्वारा वर्ष 2024 के दौरान 435 करोड़ 05 लाख रुपये की स्क्रैप बिक्री की गई है।
- कैपेक्स: वर्ष 2024 के दौरान पश्चिम मध्य रेल का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 10,160 करोड़ रुपये की अधिकतम उपयोगिता साबित हुई है।
- "अमृत स्टेशन योजना": "अमृत स्टेशन योजना" के तहत, पश्चिम मध्य रेल के कुल 53 रेलवे स्टेशनों का उन्नयन कार्य तीव्र गति से किया गया है। इस योजना के अंतर्गत जबलपुर मंडल के 15 स्टेशन, भोपाल मंडल के 15 एवं कोटा मंडल के 17 स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा जबलपुर, सतना, भोपाल, बीना, कोटा एवं डकनिया तलाव रेलवे स्टेशनों के मेजर अपग्रेडेशन के कार्य भी जारी हैं। इन स्टेशनों में कोटा मंडल के बूंदी एवं मांडलगढ़ स्टेशन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। साथ ही जबलपुर मंडल के ब्योहारी, नरसिंहपुर, श्रीधाम, कटनी साउथ, बरगवां एवं भोपाल मंडल के गंज बासौदा स्टेशन का कार्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है और जल्द से जल्द इन स्टेशनों का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
Source/WCR

