सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन को “सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट”
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में राष्ट्र की प्रगति एवं विकास हेतु ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। ऊर्जा की उपलब्धता, ऊर्जा की मांग के सापेक्ष अपव्यय को नियंत्रित कर, ऊर्जा संरक्षण को प्रोत्साहित करके सुनिश्चित की जा सकती है।
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा विभिन्न ऊर्जा दक्ष तकनीकी उपायों एवं प्रयासों के माध्यम से क्षेत्रीय रेलवे की प्रतिस्पर्धा में इस वर्ष दो पुरस्कार झोली में आए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा आयोजित “उत्तर प्रदेश राज्य ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2024” का “प्रथम पुरस्कार” प्राप्त कर अन्य निकायों के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। यह पुरस्कार दिनांक 14.12.2024 को लखनऊ में आयोजित ऊर्जा संरक्षण दिवस-2024 के समारोह में श्री कुलदीप कुमार, उप मुख्य बिजली अभियंता/सामान्य/उ.म.रे. तथा श्री प्रवीण नेवालकर, वरिष्ठ खंड अभियंता/ड्रॉइंग/मुख्यालय द्वारा ग्रहण किया गया।
इसके अतिरिक्त, BEE द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2024” में सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन को “सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट” से पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार दिनांक 14.12.2024 को नई दिल्ली में आयोजित ऊर्जा संरक्षण दिवस-2024 के समारोह में श्री अखिलेश कुमार, उप मुख्य बिजली अभियंता/मुख्यालय द्वारा ग्रहण किया गया।
ऊर्जा संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 12.47 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट, सभी 411 रेलवे स्टेशनों, सभी 265 रेलवे सर्विस बिल्डिंग्स एवं सभी रेल आवासों में शत-प्रतिशत ऊर्जा दक्ष LED ट्यूबलाइट्स, BLDC पंखे व 5 स्टार रेटिंग के एयर कंडीशनर्स लगाए गए। इससे वर्ष 2023-24 में 16 मिलियन यूनिट ऊर्जा की बचत व रेलवे राजस्व में 14.4 करोड़ रुपये की बचत हुई। जिसके फलस्वरूप वर्ष 2023-24 में 14,544 मेट्रिक टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन रोक गया।
वर्ष 2023-24 में सोलर पावर प्लांट द्वारा 11.8 मिलियन यूनिट तथा वर्ष 2024-25 (अप्रैल-नवंबर) में 8.3 मिलियन यूनिट सस्ती एवं पर्यावरण अनुकूल बिजली उत्पन्न की गई। इससे वर्ष 2023-24 में ₹4.93 करोड़ तथा 2024-25 (अप्रैल-नवंबर) में ₹3.69 करोड़ के राजस्व की बचत हुई। जिसके फलस्वरूप वर्ष 2023-24 में 9,921 मेट्रिक टन तथा 2024-25 (अप्रैल-नवंबर) में 6,938 मेट्रिक टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन रोक गया।
सम्पूर्ण उत्तर मध्य रेलवे में 3,285.366 रूट किलोमीटर में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण करने से डीजल की खपत में एवं समय में 98% की कमी आई, जिससे रेल राजस्व की बचत हुई।
इसके अतिरिक्त, 3-फेज एसी लोकोमोटिव्स के द्वारा रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग के माध्यम से 24.38 करोड़ यूनिट बिजली की बचत हुई, जिससे रेल राजस्व में 146.3 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इसके अलावा, कोच लाइटिंग में HOG के द्वारा बिजली प्रदान करने से पावर कार की डीजल खपत में वर्ष 2023-24 में 6,294 किलो लीटर की कमी आई है, जिससे रेल राजस्व में 55.4 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर, उत्तर मध्य रेलवे श्री अनूप कुमार अग्रवाल द्वारा सभी विद्युत विभाग की टीम को उनके सराहनीय योगदान हेतु बधाई दी गई, जिसमें इसको सफल बनाने में के निर्देशन में मुख्य बिजली इंजीनियर/ऊर्जा प्रबंधन श्री के. एम. सिंह एवं उनकी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया गया।
उत्तर मध्य रेलवे हरित ऊर्जा के सतत उपयोग हेतु प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में वर्ष 2024-25 में 17.84 मेगावाट के सोलर संयंत्र लगाने हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जोकि वर्ष 2025-26 तक पूर्ण हो जाएंगे। जिससे उत्तर मध्य रेलवे की कुल हरित ऊर्जा की सालाना अनुमानित उत्पादन क्षमता 32.3 मिलियन यूनिट (MU) हो जाएगी। इससे 27,187 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और ₹14.9 करोड़ राजस्व की बचत होगी।
Source/RSB

